‘हंगामा नहीं चर्चा करें’, पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक पर किरेन रिजिजू की विपक्ष से अपील

: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने Public Examination (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 पर विपक्ष से हंगामा छोड़कर चर्चा में शामिल होने की अपील की। सरकार का दावा है कि यह बिल पेपर लीक रोकने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए लाया गया है।

नई दिल्ली। संसद में पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए लाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर सियासत तेज हो गई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोमवार को विपक्षी दलों से अपील की कि वे सदन में हंगामा करने के बजाय विधेयक पर गंभीर चर्चा करें और अपने सुझाव दें।

रिजिजू ने कहा कि यह विधेयक देशभर के छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लाया गया है। इसका उद्देश्य पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाना और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध एवं सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

‘विपक्ष चर्चा में शामिल होकर दे सुझाव’

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि संसद लोकतांत्रिक बहस का मंच है। विपक्ष को अपनी बात रखने और विधेयक पर चर्चा करने का पूरा अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि केवल विरोध करने के बजाय विपक्ष को इस महत्वपूर्ण कानून को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और कुछ विपक्षी दल विधेयक पर चर्चा करने के बजाय सदन में लगातार हंगामा कर रहे हैं।

छात्रों के भविष्य से जुड़ा है विधेयक

रिजिजू ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नया संशोधन कानून परीक्षा माफिया और अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ मजबूत कानूनी व्यवस्था तैयार करेगा।

विधेयक में सख्त सजा का प्रस्ताव

सरकार की ओर से पेश किए जा रहे संशोधन विधेयक में पेपर लीक, परीक्षा में धोखाधड़ी और संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। इसमें दोषियों के लिए अधिक सजा, भारी जुर्माने और तेज सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव है।

संसद में जारी है राजनीतिक टकराव

पेपर लीक मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। छात्र आंदोलनों और परीक्षा व्यवस्था को लेकर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि नए कानून के जरिए परीक्षा प्रणाली को मजबूत और भरोसेमंद बनाया जाएगा।

अब लोकसभा में इस विधेयक पर होने वाली चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।

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