‘दिल्ली में पैलेट गन, बिहार में AK-47’: राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन पर सरकार को घेरा, बोले- छात्रों के खिलाफ खतरनाक सिस्टम

राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दिल्ली में पैलेट गन और बिहार में AK-47 के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार की ओर से बल प्रयोग किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन और बिहार में AK-47 के इस्तेमाल की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अलग-अलग राज्यों में छात्रों के साथ एक जैसा व्यवहार किया जा रहा है और पूरा सिस्टम उनके खिलाफ खड़ा दिखाई दे रहा है।

‘छात्रों पर हो रहे जानलेवा हमले’

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से AK-47 से फायरिंग की गई और बड़ी संख्या में छात्रों पर मुकदमे दर्ज किए गए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने और मामलों को वापस लेने का जो आश्वासन दिया गया था, उसका क्या हुआ।

पीएम मोदी से माफी की मांग

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से मांग की कि वह छात्रों से माफी मांगें और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया।

उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई का सहारा लेना चाहिए।

जंतर-मंतर से संसद मार्च का किया जिक्र

राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए जंतर-मंतर से संसद मार्च का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि चाहे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार या दिल्ली, हर जगह छात्रों के आंदोलनों के दौरान एक जैसा पैटर्न देखने को मिल रहा है।

सरकार की परीक्षा सुधार नीति पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की परीक्षा सुधार प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वास्तविक सुधार करने में सक्षम नहीं है और छात्रों की मांगों को नजरअंदाज कर रही है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है, ताकि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।

प्रियंका गांधी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर और हिरासत में लिए गए छात्रों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ लगातार मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं तो सरकार के आश्वासनों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन दावों की पुष्टि की जा रही है।

सिवान में AK-47 मामले में पुलिसकर्मी निलंबित

इधर बिहार के सिवान में 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिसकर्मी ने AK-47 से फायरिंग की थी।

पुलिस ने मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छात्र आंदोलन पर बढ़ा राजनीतिक विवाद

NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। विपक्ष जहां सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

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