“संसद के मॉनसून सत्र के 10वें दिन लोकसभा में जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन संशोधन बिल 2026 पास हुआ। विपक्ष के हंगामे के बाद लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार तक स्थगित कर दी गई।
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नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के 10वें दिन शुक्रवार को लोकसभा में जन्म और मृत्यु का रजिस्ट्रेशन (संशोधन) बिल, 2026 पारित कर दिया गया। इस दौरान विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित रही और बाद में लोकसभा व राज्यसभा को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
लोकसभा में पेश किए गए इस बिल के जरिए जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1969 में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत यदि किसी जन्म या मृत्यु की सूचना रजिस्ट्रार को एक साल से अधिक समय बाद लेकिन दो साल के भीतर दी जाती है, तो संबंधित मामले का सत्यापन करने के बाद ही उसे दर्ज किया जा सकेगा। इसके लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखंड मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मंजूरी जरूरी होगी।
विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने अयोध्या में राम मंदिर चंदे में कथित अनियमितताओं और छात्रों से जुड़े पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने अयोध्या मामले पर सदन में चर्चा की मांग की।
वहीं, महाराष्ट्र कांग्रेस के सांसदों ने कथित MPSC पेपर लीक के मुद्दे पर भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
लोकसभा और राज्यसभा स्थगित
हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई थी। बाद में इसे सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं राज्यसभा की कार्यवाही भी विपक्षी सांसदों के विरोध के बीच सोमवार तक के लिए टाल दी गई।
सरकार ने पेपर लीक बिल को बताया अहम
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि परीक्षा पेपर लीक रोकने से जुड़े बिल को संसद का समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अब इस कानून को जल्द लागू करना है, ताकि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वह अपने मुद्दे उठा सकता है, लेकिन जरूरी विधायी कार्यों में बाधा नहीं डालनी चाहिए।
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