राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की बंपर जीत, 163 सीटों पर कब्जा; कांग्रेस ने जीतीं 103 सीटें

Rajasthan Nikay Chunav Result 2026: राजस्थान नगर निकाय चुनाव में BJP ने 309 घोषित सीटों में 163 पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 103 और निर्दलीयों को 43 सीटें मिलीं। 73.56% मतदान हुआ था।

जयपुर। राजस्थान के शहरी स्थानीय निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की है। राज्य में घोषित 309 निकाय सीटों के परिणामों में भाजपा ने 163 सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को 103 सीटों पर जीत मिली। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए 43 सीटों पर जीत दर्ज की।

इन नतीजों के साथ राजस्थान के 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाओं में नए बोर्ड के गठन का रास्ता साफ हो गया है। चुनाव में बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में थे और मतगणना सोमवार सुबह आठ बजे शुरू हुई।

भाजपा ने कांग्रेस से बनाई बड़ी बढ़त

राजस्थान निकाय चुनाव के घोषित परिणामों में भाजपा ने कांग्रेस से 60 सीट अधिक जीतकर स्पष्ट बढ़त बनाई है।

पार्टी/श्रेणीजीती सीटें
भाजपा163
कांग्रेस103
निर्दलीय43
कुल309

नतीजों से साफ है कि शहरी स्थानीय निकायों में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वहीं कांग्रेस के सामने अब संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने की चुनौती होगी।

दो चरणों में हुआ था मतदान

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में कराए गए थे। दोनों चरणों के बाद पूरे राज्य में सोमवार को एक साथ मतगणना की गई।

चुनाव में कुल 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह पिछली बार हुए शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के मुकाबले तीन प्रतिशत से अधिक रहा। बढ़े हुए मतदान प्रतिशत को भी चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

38,889 उम्मीदवार मैदान में थे

इन चुनावों में कुल 38,889 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। भाजपा ने 9,290 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, जबकि कांग्रेस ने 9,027 प्रत्याशियों को टिकट दिया था।

सबसे अधिक संख्या निर्दलीय उम्मीदवारों की रही। कुल 18,732 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।

इसके अलावा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 948, आम आदमी पार्टी (AAP) के 311, बहुजन समाज पार्टी (BSP) के 298, सीपीआई (एम) के 185 और भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के 98 उम्मीदवारों ने भी चुनाव लड़ा।

भजनलाल शर्मा सरकार के लिए नतीजे क्यों अहम?

इन निकाय चुनावों को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद भाजपा लगातार राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

निकाय चुनावों में मिली 163 सीटों की जीत पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन और जनाधार के लिहाज से अहम मानी जा रही है।

कांग्रेस के लिए संगठन की परीक्षा

दूसरी ओर, कांग्रेस ने 103 सीटों पर जीत हासिल की है। विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद ये निकाय चुनाव कांग्रेस के लिए राज्य में अपने संगठनात्मक आधार को परखने का महत्वपूर्ण अवसर थे।

हालांकि भाजपा से पीछे रहने के बावजूद कांग्रेस की 103 सीटों पर जीत यह संकेत देती है कि पार्टी का स्थानीय स्तर पर संगठन और राजनीतिक आधार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

शहरी राजस्थान के वोटरों का मिला संकेत

राजस्थान निकाय चुनाव के नतीजों को राज्य के शहरी मतदाताओं के रुझान के शुरुआती संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। वार्ड स्तर पर भाजपा और कांग्रेस के प्रदर्शन से दोनों दलों की स्थानीय संगठनात्मक ताकत का आकलन किया जा सकता है।

खास बात यह रही कि चुनाव में बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में थे और उन्होंने 43 सीटों पर जीत हासिल की। इससे कई स्थानीय निकायों में बोर्ड गठन के दौरान निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

आगे बोर्ड गठन पर रहेगी नजर

309 सीटों के परिणाम सामने आने के बाद अब नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में बोर्ड गठन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। जहां किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, वहां निर्दलीय विजेता उम्मीदवारों की भूमिका बढ़ सकती है।

राजस्थान निकाय चुनाव के इन परिणामों ने फिलहाल शहरी क्षेत्रों में भाजपा को स्पष्ट बढ़त दी है। वहीं कांग्रेस के सामने इस प्रदर्शन को आगामी राजनीतिक रणनीति और संगठन विस्तार में बदलने की चुनौती रहेगी।

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