Gen-Z को विरासत से जोड़ने की पहल, यूपी सरकार कराएगी एक दिवसीय अध्ययन यात्रा; संग्रहालयों में मुफ्त प्रवेश और गाइडेड विजिट

उत्तर प्रदेश सरकार ने Gen-Z को इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए ‘एक दिवसीय अध्ययन यात्रा योजना’ शुरू की है। लखनऊ के राज्य संग्रहालय से शुरुआत हुई। विद्यार्थियों को मुफ्त प्रवेश, गाइडेड विजिट और आवश्यक सहयोग मिलेगा। उन्नाव, सीतापुर, रायबरेली और बाराबंकी समेत 60 से अधिक जिलों के विद्यार्थी योजना से जुड़ेंगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नई पीढ़ी, खासकर Gen-Z के विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए एक नई पहल शुरू की है। प्रदेश के राजकीय संग्रहालयों और विद्यार्थियों को जोड़ते हुए ‘एक दिवसीय अध्ययन यात्रा योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को संग्रहालयों में निःशुल्क प्रवेश के साथ आवश्यक सहयोग और गाइडेड विजिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबों तक सीमित ऐतिहासिक जानकारी देने के बजाय उन्हें वास्तविक धरोहरों, पुरातात्विक वस्तुओं और संग्रहालयों में संरक्षित इतिहास से रूबरू कराना है। इससे विद्यार्थियों में अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझने और उसके प्रति रुचि विकसित करने की उम्मीद है।

लखनऊ के राज्य संग्रहालय से हुई शुरुआत

‘एक दिवसीय अध्ययन यात्रा योजना’ की शुरुआत लखनऊ के राज्य संग्रहालय से की गई है। योजना के तहत जिले के पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और पीएम श्री राजकीय उत्तर प्रदेश सैनिक इंटर कॉलेज, सरोजनीनगर के करीब 600 छात्र-छात्राओं ने राज्य संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण किया।

विद्यार्थियों ने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व की वस्तुओं को देखा तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। गाइडेड विजिट के माध्यम से विद्यार्थियों को संग्रहालय में मौजूद धरोहरों के ऐतिहासिक महत्व को समझाने का प्रयास किया गया।

15 से 19 सितंबर तक अलग-अलग जिलों के विद्यार्थी पहुंचेंगे

योजना के अगले चरण में प्रदेश के कई जिलों के विद्यार्थी लखनऊ के राज्य संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। 15 सितंबर को उन्नाव जिले के तीन पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थी अध्ययन यात्रा के लिए पहुंचेंगे।

इसके बाद 16 और 17 सितंबर को सीतापुर जिले के सात पीएम श्री विद्यालयों के करीब तीन हजार विद्यार्थी राज्य संग्रहालय का भ्रमण करेंगे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पहुंचने को देखते हुए अध्ययन यात्रा को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है।

रायबरेली और बाराबंकी के विद्यार्थियों का भी भ्रमण

18 सितंबर को रायबरेली जिले के तीन कॉलेजों के विद्यार्थी राज्य संग्रहालय पहुंचकर ऐतिहासिक धरोहरों की जानकारी प्राप्त करेंगे।

वहीं 19 सितंबर को बाराबंकी के विभिन्न पीएम श्री विद्यालयों के विद्यार्थी अध्ययन यात्रा में शामिल होंगे। इनमें पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सूरतगंज, बालिका इंटर कॉलेज हैदरगढ़, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरौलीजाटा, बालिका इंटर कॉलेज फतेहपुर, बालिका इंटर कॉलेज जैदपुर मोड़ और इंटर कॉलेज बाराबंकी के विद्यार्थी शामिल हैं।

विद्यार्थियों को मिलेगा निःशुल्क प्रवेश और गाइडेड विजिट

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि ‘एक दिवसीय अध्ययन यात्रा योजना’ के तहत संग्रहालयों में विद्यार्थियों को निःशुल्क प्रवेश, आवश्यक सहयोग और गाइडेड विजिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के तहत विद्यार्थियों के भ्रमण से जुड़ी गतिविधियों की जियो-टैग फोटो और वीडियो भी राज्य परियोजना कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य योजना की गतिविधियों का दस्तावेजीकरण और निगरानी करना है।

60 से अधिक जिलों के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

सरकार की इस पहल का दायरा केवल लखनऊ और आसपास के जिलों तक सीमित नहीं है। प्रदेश के 60 से अधिक जिलों के विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने की तैयारी की गई है।

इसमें आगरा, अलीगढ़, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़, अयोध्या, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गोंडा, गोरखपुर, हमीरपुर, हरदोई, जालौन, झांसी, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संभल, सहारनपुर, संत कबीरनगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव और वाराणसी समेत कई जिले शामिल हैं।

किताबों से निकलकर इतिहास को करीब से देखेंगे विद्यार्थी

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि किताबों में पढ़े गए इतिहास को जब विद्यार्थी संग्रहालयों में मौजूद वास्तविक धरोहरों के माध्यम से देखेंगे तो उनका अनुभव अधिक प्रभावी और यादगार होगा।

उनका कहना है कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए इतिहास को समझने का जीवंत माध्यम बन सकते हैं। वहां मौजूद प्राचीन वस्तुओं, कलाकृतियों और अन्य धरोहरों को देखकर विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम में पढ़ी गई ऐतिहासिक घटनाओं और संस्कृतियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

Gen-Z को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने की कोशिश

आज की Gen-Z पीढ़ी का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों के जरिए जानकारी हासिल करता है। ऐसे समय में सरकार की यह पहल विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया से बाहर निकालकर वास्तविक ऐतिहासिक स्थलों और संग्रहालयों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

‘एक दिवसीय अध्ययन यात्रा’ के जरिए विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति, इतिहास और विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। सरकार का जोर इस बात पर है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत को केवल पाठ्य पुस्तकों के माध्यम से न पढ़े, बल्कि उसे प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए भी समझे।

योजना का उद्देश्य क्या है?

इस पहल के प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से परिचित कराना, संग्रहालयों के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना और पढ़ाई को अनुभव आधारित बनाना है। निःशुल्क प्रवेश और गाइडेड विजिट से विद्यार्थियों को संग्रहालय में संरक्षित धरोहरों की जानकारी विशेषज्ञों के माध्यम से प्राप्त होगी।

सरकार को उम्मीद है कि इस तरह के शैक्षिक भ्रमण से विद्यार्थियों में इतिहास और संस्कृति के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी तथा वे प्रदेश की समृद्ध विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

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