
“संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया का अधिक सटीक मानचित्र दिखाने वाले प्रस्ताव को 164 देशों का समर्थन मिला। भारत ने पक्ष में वोट किया, जबकि अमेरिका ने विरोध किया। प्रस्ताव Equal Earth projection के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करता है, लेकिन Mercator मानचित्र पर प्रतिबंध नहीं लगाता।“
संयुक्त राष्ट्र: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दुनिया के मानचित्र को अधिक सटीक और प्रतिनिधित्वपूर्ण तरीके से प्रदर्शित करने के उद्देश्य से लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने ऐसे विश्व मानचित्र के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसमें महाद्वीपों के वास्तविक क्षेत्रफल को अधिक सही अनुपात में दिखाने पर जोर दिया गया है।
यह प्रस्ताव टोगो की ओर से पेश किया गया था और अफ्रीकी संघ के कई सदस्य देशों ने इसका समर्थन किया। प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों ने मतदान किया, जबकि केवल अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट दिया। सर्बिया, एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा और यूक्रेन ने मतदान से दूरी बनाई।
भारत ने क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने मतदान के दौरान भारत का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत अधिक सटीक और प्रतिनिधित्वपूर्ण कार्टोग्राफिक पद्धतियों को बढ़ावा देने के प्रस्ताव के उद्देश्य का स्वागत करता है।
उन्होंने कहा कि नक्शे समाज के लोगों को भूगोल और दुनिया के विभिन्न हिस्सों के सापेक्ष आकार को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि भारत ने प्रस्ताव के दायरे को लेकर अपनी स्थिति भी स्पष्ट की। भारत ने कहा कि प्रस्ताव को Equal Area map projections के व्यापक इस्तेमाल और विचार के समर्थन के तौर पर समझा जाना चाहिए। भारत ने किसी एक खास मानचित्र प्रक्षेपण, जिसमें Equal Earth भी शामिल है, का अनिवार्य समर्थन नहीं किया है।
क्या है Equal Earth Projection?
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक शुक्रवार को पारित प्रस्ताव पारंपरिक Mercator Projection पर प्रतिबंध नहीं लगाता और न ही किसी एक मानचित्र को अनिवार्य करता है। इसका उद्देश्य दुनिया भर की सरकारों और संस्थानों को अधिक सटीक क्षेत्रफल दर्शाने वाले मानचित्रों पर विचार करने और Equal Earth projection के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है।
Mercator मानचित्र का इस्तेमाल 16वीं शताब्दी से बड़े पैमाने पर होता रहा है। हालांकि, इसमें ध्रुवों के करीब स्थित भूभाग वास्तविक आकार की तुलना में काफी बड़े दिखाई देते हैं।
इसके विपरीत Equal Earth projection महाद्वीपों के क्षेत्रफल को उनके वास्तविक अनुपात के करीब दिखाने का प्रयास करता है।
अफ्रीका और ग्रीनलैंड के आकार में बड़ा अंतर
Mercator projection में ग्रीनलैंड और अफ्रीका आकार में लगभग एक जैसे दिखाई दे सकते हैं। जबकि वास्तविक क्षेत्रफल की तुलना में अफ्रीका ग्रीनलैंड से लगभग 14 गुना बड़ा है।
नए मानचित्र प्रक्षेपण के समर्थकों का कहना है कि पारंपरिक मानचित्र में उत्तरी अमेरिका और ग्रीनलैंड जैसे ध्रुवीय क्षेत्रों को जरूरत से ज्यादा बड़ा और अफ्रीका तथा दक्षिण अमेरिका को अपेक्षाकृत छोटा दिखाया जाता है।
Equal Earth projection में पृथ्वी की वक्रता को ध्यान में रखते हुए महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा वास्तविक अनुपात में प्रदर्शित करने की कोशिश की गई है।
अमेरिका ने प्रस्ताव के खिलाफ किया मतदान
UNGA में प्रस्ताव को व्यापक समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसके खिलाफ मतदान किया। छह देशों- सर्बिया, एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा और यूक्रेन ने मतदान में भाग नहीं लिया।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक प्रस्ताव का उद्देश्य किसी मौजूदा मानचित्र को पूरी तरह हटाना नहीं है। इसके बजाय यह अधिक सटीक और प्रतिनिधित्वपूर्ण मानचित्रण के विकल्पों के इस्तेमाल को बढ़ावा देता है।
फ्रांस ने बताया ‘सच्चाई की ओर कदम’
प्रस्ताव पारित होने के बाद कई देशों ने इसका स्वागत किया। फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने सोशल मीडिया पर कहा कि मानचित्र बदलने से दुनिया नहीं बदलती, लेकिन ऐसी प्रस्तुति को सुधारना जो दुनिया को विकृत तरीके से दिखाती है, सच्चाई की दिशा में एक कदम है।
टोगो के विदेश मंत्री रॉबर्ट डुसी ने मतदान से पहले कहा था कि नक्शे दुनिया को समझने के हमारे तरीके को प्रभावित करते हैं। उनका कहना था कि नक्शे शिक्षा का हिस्सा हैं और लोगों की सामूहिक समझ तथा कल्पना को भी प्रभावित करते हैं।
स्कूलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सही मानचित्र की मांग
नए मानचित्र के अभियान से जुड़े संगठन Africa No Filter ने भी UNGA के फैसले का स्वागत किया। संगठन का कहना है कि अधिक सटीक मानचित्रों का इस्तेमाल स्कूलों, पाठ्यपुस्तकों, न्यूजरूम, कारोबार और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होना चाहिए।
अभियान से जुड़े लोगों का तर्क है कि अरबों लोग रोजाना डिजिटल माध्यमों पर मानचित्र देखते हैं, इसलिए दुनिया के भूगोल को सही अनुपात में प्रस्तुत करना महत्वपूर्ण है।
नेविगेशन के लिए बना था Mercator Map
Mercator projection को फ्लेमिश कार्टोग्राफर जेरार्डस मर्केटर ने समुद्री यात्रियों और नेविगेशन को ध्यान में रखते हुए विकसित किया था। इस प्रक्षेपण में ध्रुवों के नजदीक स्थित भूभागों का आकार बढ़ जाता है।
भूगोल विशेषज्ञों के मुताबिक समुद्री नेविगेशन के लिए Mercator projection का विशेष उपयोग है, लेकिन दूसरे संदर्भों में क्षेत्रफल की वास्तविक तुलना के लिए यह सीमित हो सकता है।
सिराक्यूज यूनिवर्सिटी के भूगोल के प्रोफेसर मार्क मोनमोनियर ने भी कहा कि पारंपरिक मानचित्र का उपयोग मुख्य रूप से नेविगेशन के लिए उपयोगी है। अन्य संदर्भों में Equal Earth जैसे क्षेत्रफल-सटीक प्रक्षेपण दुनिया को समझने का अलग और अधिक वास्तविक तरीका उपलब्ध करा सकते हैं।
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