सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- अयोध्या का विकास नहीं पचा पा रहे विरोधी, इसलिए कर रहे बदनाम

सीएम योगी आदित्यनाथ ने मथुरा में विपक्ष पर हमला बोला। कहा कि अयोध्या का विकास कुछ लोगों को रास नहीं आ रहा, इसलिए उसे बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने मथुरा-वृंदावन को अयोध्या-काशी की तरह भव्य बनाने और सनातन विरोधियों पर भी निशाना साधा।

मथुरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मथुरा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन और गोपूजन के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों को अयोध्या में हो रहा विकास अच्छा नहीं लग रहा है। यही कारण है कि वे अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या और काशी विश्वनाथ की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन को भी भव्य और दिव्य स्वरूप दिया जाएगा।

मथुरा-वृंदावन के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने रात्रि विश्राम के बाद सुबह 9:55 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मुख्यमंत्री के तौर पर यह उनका जन्मस्थान का 20वां दौरा बताया गया। उन्होंने गर्भगृह में लाला के दर्शन करने के साथ केशवदेव और योगमाया मंदिर में भी पूजा-अर्चना की। इसके बाद गोपूजन किया और श्रद्धालुओं को संबोधित किया।

अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष पर निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में जिस तरह विकास कार्य हो रहे हैं, वह कुछ लोगों को पसंद नहीं आ रहा है। इसलिए ऐसे लोग अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्रों का विकास करते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि जिस तरह अयोध्या और काशी विश्वनाथ में विकास कार्यों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार किया गया है, उसी तरह मथुरा-वृंदावन को भी भव्य और दिव्य स्वरूप देने की दिशा में काम किया जाएगा।

‘सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट गए’

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से मुख्यमंत्री ने सनातन पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सनातन को मिटाने की कोशिश करने वाले खुद मिट्टी में मिल गए। उन्होंने बाबर और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मंदिरों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन सनातन की आस्था और संस्कृति को समाप्त नहीं कर सके।

मुख्यमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में है, वे समाज और देश का सम्मान कैसे कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समाज में विभाजन और वैमनस्य का वातावरण पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

‘समाज में जहर घोलने वालों का कंस जैसा विनाश होगा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में जहर घोलने और राष्ट्रविरोधी तत्वों को बढ़ावा देने की कोशिश करने वालों के मंसूबे सफल नहीं होने दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे प्रयासों का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।

योगी ने कहा कि सरकार को देश और समाज की चिंता करनी है, बाकी सब भगवान श्रीकृष्ण पर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हजारों वर्ष पहले जो संदेश दिया था, वह आज भी प्रासंगिक है।

उन्होंने कहा कि जहां सज्जन शक्ति मौजूद होगी, वहां उसका संरक्षण किया जाएगा, जबकि राष्ट्र और समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों की स्थिति कंस जैसी होगी।

‘आक्रांताओं ने मंदिर तोड़े, आस्था नहीं तोड़ सके’

मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह का भी उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश पर आक्रमण करने वालों ने मंदिरों को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे भारतीय समाज की आस्था और उसके मूल्यों को नहीं तोड़ सके।

उन्होंने कहा कि आक्रांता मूर्तियों को नुकसान पहुंचा सकते थे, लेकिन भारतीय संस्कृति और उसके मूल्यों को समाप्त करना उनके लिए संभव नहीं था। मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया।

मथुरा-वृंदावन के विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री के मथुरा दौरे के दौरान धार्मिक पर्यटन और क्षेत्र के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं की भी झलक दिखाई दी। अयोध्या और काशी विश्वनाथ की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ब्रज क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए यहां विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। मथुरा-वृंदावन को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की दिशा में सरकार की योजनाओं को उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

जन्माष्टमी पर सियासी संदेश भी

श्रीकृष्ण जन्मस्थान से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन में धार्मिक आस्था के साथ राजनीतिक संदेश भी नजर आया। उन्होंने विपक्ष पर अयोध्या के विकास को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाए और सनातन की रक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री के संबोधन में अयोध्या, काशी और मथुरा-वृंदावन को धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्रों के रूप में विकसित करने का संदेश प्रमुख रहा। साथ ही उन्होंने समाज में वैमनस्य फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही।

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