सनातन पांडेय वायरल वीडियो पर बवाल, दारोगा बोला- मेरी औकात कहां आपको गिरफ्तार करने की

सनातन पांडेय वायरल वीडियो में बलिया सांसद के पैर छूते नगरा थानाध्यक्ष नजर आ रहे हैं। वीडियो गाजीपुर टोल प्लाजा का बताया जा रहा है, सीओ रसड़ा ने जांच की बात कही है।

हाइलाइट्स :

  • सनातन पांडेय वायरल वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित
  • नगरा थानाध्यक्ष ने सांसद के पैर छूकर किया अभिवादन
  • वीडियो में ‘भैया प्रणाम’ कहते दिखे दारोगा
  • थानाध्यक्ष ने बताया शिष्टाचार, सीओ ने जांच के संकेत दिए
  • सत्ता और विपक्ष दोनों ओर से प्रतिक्रियाएं

बलिया। बलिया लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नगरा थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र उन्हें पैर छूकर अभिवादन करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो ने प्रशासनिक गरिमा और राजनीतिक प्रभाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

यह घटना रविवार की बताई जा रही है, जो गाजीपुर जनपद के बिरनो थाना क्षेत्र स्थित क्यामपुर टोल प्लाजा के पास की है। सांसद सनातन पांडेय मणिकर्णिका घाट जा रहे थे, तभी पुलिस द्वारा रोके जाने पर उन्होंने धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर बलिया जिले के नगरा थानाध्यक्ष पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

इसी दौरान थानाध्यक्ष द्वारा सांसद के पैर छूकर अभिवादन करने का दृश्य किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वीडियो में जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव सहित समाजवादी पार्टी के अन्य नेता भी मौके पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। वायरल क्लिप में थानाध्यक्ष सांसद से कहते सुने जा सकते हैं—
“भैया प्रणाम”,
जिस पर विधायक वीरेंद्र यादव कहते हैं—
“आप गिरफ्तार करिए, यह सब क्या है?”
इसके जवाब में थानाध्यक्ष कहते हैं—
“मेरी औकात कहां आपको गिरफ्तार करने की।”
यह सुनकर मौके पर मौजूद लोग हंसते नजर आते हैं।

कुछ देर बाद सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत होती दिखाई देती है, जिसके बाद पुलिस टीम सांसद को एस्कार्ट करते हुए बलिया की ओर ले जाती है।

वायरल वीडियो पर सफाई देते हुए नगरा थानाध्यक्ष संजय कुमार मिश्र ने कहा कि सांसद उनसे उम्र में बड़े हैं और उन्होंने केवल शिष्टाचारवश सम्मान किया है। उन्होंने किसी दबाव या राजनीतिक प्रभाव से इनकार किया।

वहीं, सीओ रसड़ा आलोक कुमार ने बताया कि वीडियो अभी संज्ञान में नहीं है, लेकिन यदि ऐसा कोई वीडियो सामने आता है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है। कुछ लोग इसे शिष्टाचार बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सांसद की राजनीतिक पहुंच से जोड़कर देख रहे हैं। सत्ता पक्ष की ओर से भी दारोगा के इस व्यवहार को लेकर नाराजगी के संकेत सामने आए हैं।

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