“विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1947 के विभाजन से प्रभावित लोगों को श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने बंटवारे की पीड़ा, विस्थापन और अपनों को खोने के दर्द को याद करते हुए देशवासियों से भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील की।“
नई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 1947 के विभाजन की त्रासदी में प्रभावित हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भावुक संदेश साझा करते हुए उस दौर की पीड़ा और संघर्ष को याद किया।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि विभाजन का वह दौर बेहद डरावना और दर्दनाक था। इस त्रासदी ने कई हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए बिखेर दिया। अनगिनत लोगों को अपनी जड़ें छोड़कर विस्थापित होना पड़ा और बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया।
वह दौर बेहद डरावना और दर्दनाक था
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1947 के विभाजन के दौरान लोगों ने जिस तरह की पीड़ा झेली, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। अचानक बदले हालात में लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और पुरानी जिंदगी छोड़कर अनजान जगहों की ओर पलायन करना पड़ा।
उन्होंने विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस और धैर्य को नमन करते हुए कहा कि उस भयावह दौर में लोगों ने असहनीय परिस्थितियों का सामना किया। परिवार बिखरे, अपनों से बिछड़ना पड़ा और बहुत से लोगों ने अपनी जान गंवाई। इसके बावजूद लोगों ने जीवन को दोबारा खड़ा करने का प्रयास किया।
विपत्ति को बनाया अपनी ताकत
पीएम मोदी ने कहा कि विभाजन की त्रासदी के बाद भी लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। जिन लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया था, उन्होंने शून्य से अपनी जिंदगी शुरू की और मेहनत के बल पर दोबारा अपना भविष्य बनाया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक, विभाजन पीड़ितों ने विपरीत परिस्थितियों और असफलताओं को अपनी ताकत में बदला। उन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा मानव साहस, धैर्य और जिजीविषा की मिसाल है।
भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में देशवासियों से आपसी भाईचारा और सौहार्द बनाए रखने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि देश में मेल-मिलाप और सामाजिक सद्भाव को हर परिस्थिति में मजबूत रखा जाए।
उन्होंने देशवासियों से मिलकर एक मजबूत और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में काम करने की अपील की। पीएम ने कहा कि इतिहास की त्रासदियों को याद करने का उद्देश्य समाज में एकता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करना भी है।
14 अगस्त को क्यों मनाया जाता है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
भारत में हर वर्ष 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य 1947 में देश के विभाजन के दौरान पीड़ित हुए लोगों के संघर्ष, त्याग और पीड़ा को याद करना है।
1947 में भारत के विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन हुआ। लाखों लोगों को अपने घर और पुश्तैनी जमीन छोड़नी पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में परिवार बिछड़ गए और लोगों को भारी हिंसा तथा मानवीय त्रासदी का सामना करना पड़ा।
विभाजन की वह पीड़ा देश के इतिहास का एक बेहद संवेदनशील अध्याय है। स्मृति दिवस के माध्यम से उन लोगों को याद किया जाता है, जिन्होंने उस दौर में अपना घर, परिवार और अपनों को खोया, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी जीवन को आगे बढ़ाया।









