“लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर वायरल यौन उत्पीड़न से जुड़े दावों को बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है। छात्रों के विरोध के बीच यूनिवर्सिटी ने आधिकारिक माध्यमों से मिली जानकारी पर भरोसा करने की अपील की।“
फगवाड़ा, पंजाब। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में यौन उत्पीड़न से जुड़े दावों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आधिकारिक बयान जारी कर इन खबरों का खंडन किया है। LPU ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित सूचनाओं को झूठा, बेबुनियाद और मनगढ़ंत बताया है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में एक छात्रा के साथ कथित यौन उत्पीड़न और उससे जुड़े अन्य गंभीर दावे किए गए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इन आरोपों और छात्रा की मौत से संबंधित दावों की पुलिस या यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
LPU रजिस्ट्रार ने क्या कहा?
LPU की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और दूसरे माध्यमों के जरिए ऐसी सूचनाएं फैला रहे हैं, जिनसे छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि इस तरह की जानकारी से परिसर के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल पर असर पड़ सकता है। LPU ने दावा किया कि सूचनाओं को जिस तरह से प्रसारित किया जा रहा है, उससे यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की आशंका है।
छात्रों के विरोध की भी सामने आई रिपोर्ट
दूसरी ओर, घटना से जुड़े दावों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्ट सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि शनिवार देर रात छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन किया और मामले में जवाबदेही तथा कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम से जुड़े कई दावे और वीडियो भी प्रसारित हुए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट अपने आप में किसी आपराधिक आरोप की पुष्टि का आधार नहीं हैं। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच या संबंधित अधिकारियों की पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों और अभिभावकों से की अपील
LPU प्रशासन ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि किसी भी घटना या प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों को ही आधार बनाया जाए।
यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि बिना पुष्टि वाली सूचनाओं को आगे प्रसारित करने से भ्रम की स्थिति और बढ़ सकती है।
LPU में यौन उत्पीड़न से निपटने के लिए क्या व्यवस्था है?
LPU की आधिकारिक वेबसाइट पर Anti-Sexual Harassment Policy उपलब्ध है। यूनिवर्सिटी के मुताबिक यह नीति छात्रों और कर्मचारियों पर लागू होती है तथा यौन उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायतों के निस्तारण के लिए व्यवस्था निर्धारित करती है।
यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर Internal Complaints Committee (ICC) का भी उल्लेख है। इसके साथ शिकायत के लिए आधिकारिक संपर्क माध्यम भी दिए गए हैं।
जांच और आधिकारिक पुष्टि पर रहेगी नजर
LPU विवाद में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने आ रहे हैं। एक ओर छात्रों की ओर से गंभीर आरोपों को लेकर विरोध और कार्रवाई की मांग की रिपोर्ट है, वहीं यूनिवर्सिटी प्रशासन इन दावों को अफवाह और मनगढ़ंत बता रहा है।
ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पुलिस या अन्य सक्षम प्राधिकरण की आधिकारिक जांच और पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। तब तक अपुष्ट दावों को तथ्य के रूप में प्रसारित करने से बचना जरूरी है।
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