
“वाराणसी के श्रेया उपाध्याय हत्याकांड के मुख्य आरोपित विवेक चौबे को राजातालाब पुलिस ने जगदेवपुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने 315 बोर का कट्टा और कारतूस बरामद किया है।“
वाराणसी। श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपित विवेक चौबे को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। राजातालाब पुलिस ने सोमवार को जगदेवपुर में घेराबंदी कर उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपित ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल आरोपित को उपचार के लिए अस्पताल भेजा है।
पुलिस के मुताबिक विवेक चौबे नियारडीह, थाना चोलापुर का निवासी है। उसके कब्जे से 315 बोर का कट्टा और कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर श्रेया हत्याकांड से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।
जगदेवपुर में पुलिस ने की घेराबंदी
पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रेया हत्याकांड का मुख्य आरोपित विवेक चौबे जगदेवपुर के रास्ते कहीं भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर राजातालाब पुलिस की टीम ने इलाके में घेराबंदी की।
पुलिस के अनुसार खुद को घिरा देखकर विवेक ने फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसके दाहिने पैर में गोली लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
घायल आरोपित को तत्काल अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद करने के साथ ही मुठभेड़ स्थल से अन्य साक्ष्य भी जुटाए हैं।
18 अगस्त को हुई थी एमएससी छात्रा श्रेया की हत्या
राजातालाब थाना क्षेत्र के मरुई निवासी सुनील उपाध्याय और रीता उपाध्याय की इकलौती बेटी 22 वर्षीय श्रेया उपाध्याय जगतपुर पीजी कालेज में रसायन विज्ञान से एमएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा थीं।
श्रेया 18 अगस्त की सुबह करीब पौने नौ बजे घर से कालेज जाने के लिए निकली थीं। पुलिस जांच के मुताबिक रास्ते में विवेक चौबे ने उन्हें बाइक पर बैठाया और बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित किराये के कमरे में लेकर पहुंचा।
आरोप है कि कमरे में विवेक चौबे और उसके साथी पुनीत मिश्रा ने श्रेया की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार पहले चाकू से हमला किया गया और फिर गला दबाकर हत्या की गई। इसके बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से गला रेतने की बात भी जांच में सामने आई।
श्रेया के लापता होने पर शुरू हुई थी तलाश
श्रेया के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। शाम तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर राजातालाब थाने में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित कमरे तक पहुंचने का प्रयास किया। परिजनों के मुताबिक उस समय पुलिस घटनास्थल से लौट गई। अगले दिन भी पुलिस टीम के लौटने की बात सामने आई, जबकि मोबाइल की घंटी और लोकेशन उसी क्षेत्र में मिल रही थी।
इसके बाद परिजनों ने अपने स्तर पर भी तलाश जारी रखी।
20 अगस्त को कमरे में मिला था शव
परिजनों ने मकान मालिक से सीसीटीवी फुटेज देखने का आग्रह किया था। बाद में आधार कार्ड के माध्यम से विवेक की पहचान सामने आने के बाद श्रेया के परिजन उसके मामा के घर पहुंचे। वहां से बाइक और बैग मिलने के बाद कमरे की चाबी हासिल कर परिजन घटनास्थल तक पहुंचे।
कमरे का दरवाजा खोलने पर बाथरूम में श्रेया का शव मिला। शव से दुर्गंध आ रही थी। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच हत्या के एंगल से आगे बढ़ाई।
पुनीत की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था हत्या का राज
इस हत्याकांड में पुलिस ने 24 अगस्त को मुठभेड़ के दौरान विवेक चौबे के साथी पुनीत मिश्रा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पुनीत ने पुलिस को बताया था कि उसने विवेक चौबे उर्फ निखिल के साथ मिलकर 18 अगस्त को श्रेया की हत्या की थी।
पुलिस के मुताबिक पुनीत ने यह भी बताया था कि हत्या के बदले विवेक चौबे ने उसे 22 लाख रुपये देने की बात कही थी। पुनीत से पूछताछ के बाद पुलिस मुख्य आरोपित विवेक की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
शादी तय होने से नाराज था विवेक
पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के मुताबिक श्रेया की शादी तय होने के बाद विवेक चौबे उसके रवैये से नाराज था। परिजनों का आरोप है कि विवेक दूसरी जगह शादी करने पर श्रेया को धमकी देता था।
परिजनों के अनुसार नीट परीक्षा की तैयारी के बहाने विवेक श्रेया के संपर्क में आया था। बाद में उसने श्रेया की कुछ तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे ब्लैकमेल भी किया। हालांकि इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
वेश बदलकर छिप रहा था मुख्य आरोपित
श्रेया की हत्या के बाद विवेक चौबे फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए वह अपना हुलिया बदलकर रह रहा था। बताया गया कि उसने बाल और मूंछ कटवा लिए थे, जिससे पहचान छिपाई जा सके।
पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की मदद से उसकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद जगदेवपुर में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर घेराबंदी की गई और मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ था विवेक
हत्याकांड की जांच में सीसीटीवी फुटेज भी अहम कड़ी बनी थी। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में 18 अगस्त को सुबह करीब पौने दस बजे विवेक चौबे श्रेया को बाइक से लेकर पहुंचता दिखाई दिया था।
पुलिस के अनुसार कमरे से करीब 18 मिनट बाद विवेक बाहर निकला। उसके साथ एक अन्य युवक भी दिखाई दिया था। जांच में सामने आया कि यह युवक मामले में गिरफ्तार पुनीत मिश्रा था।
सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पुनीत से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने विवेक की तलाश जारी रखी। अब करीब 18 दिन बाद मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस हत्याकांड की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
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