यूपी बाढ़ के बीच योगी सरकार का बड़ा राहत अभियान, 21,333 लोग सुरक्षित निकाले; 26 जिलों में जनहानि शून्य

उत्तर प्रदेश में बाढ़ के बीच योगी सरकार ने 21,333 लोगों को सुरक्षित निकाला है। 26 जिलों में राहत अभियान जारी है। अब तक जनहानि शून्य, 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.38 लाख राहत किट वितरित की गईं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ का संकट लगातार बना हुआ है। प्रदेश के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और कई इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है। योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करते हुए अब तक 21,333 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक राहत और बचाव अभियानों के बीच अब तक जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज की गई है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, राहत सामग्री, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। बुधवार को भी हजारों लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

बुधवार को 7,903 लोगों का रेस्क्यू

बाढ़ प्रभावित इलाकों में चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को अकेले 7,903 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। इसके साथ ही अब तक रेस्क्यू किए गए लोगों की कुल संख्या 21,333 हो गई है।

जलभराव वाले और दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन ने बड़े पैमाने पर नाव और मोटरबोट का इस्तेमाल किया है। अब तक 2,304 नाव एवं मोटरबोट राहत एवं बचाव अभियान में लगाई जा चुकी हैं।

8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट बांटे गए

बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन की ओर से बड़े पैमाने पर लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। अब तक 8.58 लाख से अधिक लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

बुधवार को भी 83,545 लंच पैकेट वितरित किए गए। इसके अलावा प्रभावित परिवारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अब तक 1.38 लाख से अधिक बाढ़ राहत किट भी बांटी जा चुकी हैं।

1,343 बाढ़ शरणालयों में 7,581 लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 1,343 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। इन राहत शिविरों में वर्तमान में 7,581 लोग आश्रय ले रहे हैं।

शरणालयों में रह रहे लोगों के लिए भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि राहत शिविरों में लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता लगातार बनी रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,139 मेडिकल टीमें सक्रिय

बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। प्रदेश में 1,139 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं, जो प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

स्वच्छ पेयजल और संक्रमण से बचाव के लिए अब तक 7.09 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2.88 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। मेडिकल टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और राहत शिविरों में लोगों की जांच और उपचार कर रही हैं।

इन 26 जिलों में बाढ़ का असर

उत्तर प्रदेश के 26 जिले मौजूदा समय में बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कौशांबी, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, रामपुर, सीतापुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी शामिल हैं।

इन जिलों में स्थानीय प्रशासन की ओर से जलस्तर, तटबंधों और प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है। जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है।

राहत कार्यों पर लगातार नजर

प्रदेश सरकार और राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन का फोकस फिलहाल लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत शिविरों में सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों तक भोजन व जरूरी सामग्री पहुंचाने पर है।

बाढ़ की चुनौती के बीच अब तक जनहानि नहीं होने को राहत एवं बचाव अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। हालांकि कई इलाकों में जलभराव और नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

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