यूपी चुनाव 2027 के लिए भाजपा का माइक्रोमैनेजमेंट, हर बूथ पर तैनात होंगे 50 से 60 नए वालंटियर

यूपी विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भाजपा ने बूथ स्तर पर माइक्रोमैनेजमेंट की तैयारी तेज कर दी है। हर बूथ पर 50-60 नए वालंटियर तैनात होंगे। जानें जातीय समीकरण, पांच मोर्चों और बूथ रणनीति की पूरी जानकारी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा ने संगठन को बूथ स्तर तक और मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी इस बार चुनावी रणनीति में माइक्रोमैनेजमेंट पर विशेष जोर दे रही है। इसके तहत भाजपा के पांच मोर्चे—युवा, किसान, ओबीसी, महिला और एससी-एसटी—हर बूथ पर 10-10 नए वालंटियर नियुक्त करेंगे। इस तरह प्रत्येक बूथ पर करीब 50 से 60 नए वालंटियर तैयार करने की योजना है।

भाजपा की प्रदेश इकाई ने मोर्चों को निर्देश दिया है कि वालंटियरों का चयन संबंधित बूथ की सामाजिक और जातीय संरचना को ध्यान में रखकर किया जाए। जिस बूथ पर जिस जाति या सामाजिक वर्ग की संख्या और प्रभाव अधिक है, उसी वर्ग के वालंटियरों को संगठन से जोड़ने पर जोर रहेगा।

बूथ के जातीय गणित के आधार पर होगा वालंटियरों का चयन

भाजपा की रणनीति में इस बार बूथ के स्थानीय सामाजिक समीकरण को खास महत्व दिया जा रहा है। पार्टी के बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने बूथ का जातीय गणित मांगा गया है। इसी जानकारी के आधार पर विभिन्न मोर्चों के वालंटियरों का चयन किया जाएगा।

इन वालंटियरों की जिम्मेदारी अपने-अपने सामाजिक वर्ग और क्षेत्र के लोगों तक भाजपा की नीतियों और सरकार के कामकाज की जानकारी पहुंचाने की होगी। पार्टी का मानना है कि स्थानीय स्तर पर प्रभाव रखने वाले कार्यकर्ताओं की सक्रियता से मतदाताओं तक सीधा संपर्क मजबूत किया जा सकेगा।

भाजपा के 1.77 लाख बूथों पर बढ़ेगी सक्रियता

भाजपा के संगठनात्मक ढांचे के अनुसार प्रदेश में 98 संगठनात्मक जिले और 1,918 मंडल हैं। पार्टी करीब 1.77 लाख बूथों पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ समितियों को सक्रिय करने के साथ ही उनके सत्यापन का काम भी किया जा चुका है। हाल ही में प्रदेश के सभी बूथों पर एक साथ बैठकें आयोजित की गई थीं। बूथ समितियों का दो स्तरों पर सत्यापन भी किया गया है।

बूथ समिति के साथ जुड़ेंगे नए वालंटियर

पार्टी की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार एक बूथ पर अध्यक्ष समेत करीब 11 से 20 सदस्यों की टीम होती है। अब इसके साथ विभिन्न मोर्चों के वालंटियरों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा।

पार्टी की योजना के मुताबिक ये वालंटियर चुनाव से पहले अपने-अपने क्षेत्र की सामाजिक और राजनीतिक स्थिति से जुड़ी सर्वे रिपोर्ट भी संगठन को उपलब्ध कराएंगे। इससे भाजपा को बूथ स्तर पर मतदाताओं के रुझान, स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों की जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।

सर्वे रिपोर्ट से उम्मीदवार चयन में भी मदद

भाजपा की इस रणनीति का एक अहम हिस्सा बूथ स्तर से जानकारी जुटाना भी है। पार्टी के मुताबिक वालंटियर अपने क्षेत्रों की स्थिति का फीडबैक और सर्वे रिपोर्ट संगठन तक पहुंचाएंगे।

इन रिपोर्टों का अध्ययन विधानसभा स्तर पर किया जाएगा। स्थानीय फीडबैक और चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए पार्टी नए चेहरों और संभावित उम्मीदवारों को अवसर देने पर भी विचार कर सकती है।

ओबीसी और एससी मोर्चे पर विशेष जोर

भाजपा की नई बूथ रणनीति में ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग पर विशेष फोकस किया जा रहा है। पार्टी इन सामाजिक वर्गों के बीच संगठनात्मक पहुंच को और मजबूत करने की तैयारी में है।

वहीं, सवर्ण मतदाताओं को अपने साथ बनाए रखने और उन्हें संगठन से जोड़ने के लिए प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए पार्टी विभिन्न सामाजिक वर्गों के प्रभावशाली लोगों और प्रबुद्ध वर्ग तक अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश करेगी।

पांच मोर्चों की भूमिका होगी अहम

भाजपा के युवा, किसान, ओबीसी, महिला और एससी-एसटी मोर्चों को बूथ स्तर पर नए वालंटियर तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रत्येक मोर्चा अपने स्तर पर 10-10 कार्यकर्ताओं को जोड़ेगा।

महिला मोर्चा के वालंटियरों के जरिए महिला मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने, युवा मोर्चा के जरिए युवाओं को जोड़ने और किसान मोर्चे के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन की सक्रियता बढ़ाने की रणनीति है। इसी तरह ओबीसी और एससी-एसटी मोर्चों को संबंधित सामाजिक वर्गों में संगठन की पकड़ मजबूत करने पर जोर देना है।

प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व ने बूथ मैनेजमेंट पर दिया जोर

भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व लगातार बूथ स्तर की तैयारियों को चुनावी रणनीति का आधार बना रहा है। हाल में लखनऊ पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष ने भी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बूथ प्रबंधन को लेकर चर्चा की थी।

पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से काफी पहले बूथ स्तर का संगठन पूरी तरह सक्रिय हो जाए, ताकि चुनाव की घोषणा के बाद केवल प्रचार पर निर्भर रहने के बजाय पहले से तैयार नेटवर्क के जरिए मतदाताओं के बीच संपर्क अभियान चलाया जा सके।

2027 के लिए बूथ ही बनेगा भाजपा की रणनीति का केंद्र

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से बूथ स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। 50 से 60 नए वालंटियरों का नेटवर्क तैयार करने की योजना के जरिए पार्टी सामाजिक समीकरणों, स्थानीय मुद्दों और मतदाता संपर्क को एक साथ साधने की कोशिश कर रही है।

जातीय संरचना के आधार पर वालंटियरों की तैनाती, बूथ समितियों का सत्यापन और सर्वे रिपोर्ट तैयार करने की व्यवस्था से साफ है कि भाजपा आगामी चुनाव में बूथ स्तर के माइक्रोमैनेजमेंट को अपनी रणनीति का अहम आधार बनाने जा रही है।

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