भारत-जापान रक्षा सहयोग को नई ताकत, जोधपुर पहुंचा जापान का F-2 फाइटर जेट; राजनाथ सिंह ने बताया बड़ा मील का पत्थर

वीर गार्जियन 2026 में भारत-जापान रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली है। जापान के F-2A फाइटर जेट जोधपुर पहुंचे हैं। राजनाथ सिंह ने इसे अहम मील का पत्थर बताया।

नई दिल्ली: भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाले वीर गार्जियन 2026 वायुसेना अभ्यास की शुरुआत राजस्थान के जोधपुर में हुई है। इस द्विपक्षीय युद्धाभ्यास में जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) के F-2A लड़ाकू विमान पहली बार भारत पहुंचे हैं।

जापानी लड़ाकू विमानों के भारत पहुंचने को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि जापानी फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता के साझा संकल्प को दर्शाती है।

राजनाथ सिंह ने बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत-जापान रक्षा संबंधों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जापान द्वारा वीर गार्जियन अभ्यास में अपने लड़ाकू विमान भेजने को दोनों देशों के रक्षा सहयोग में महत्वपूर्ण कदम बताया।

राजनाथ सिंह ने पिछले महीने नई दिल्ली में अपने जापानी समकक्ष के साथ हुई ‘अत्यंत उपयोगी चर्चा’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के पारस्परिक दौरे और सैन्य अभ्यास दोनों देशों के बीच तालमेल को और मजबूत करते हैं।

पहली बार भारत पहुंचे JASDF के फाइटर विमान

भारतीय वायुसेना ने मंगलवार को जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के F-2 लड़ाकू विमानों का जोधपुर में स्वागत किया। यह जापानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों की भारत में पहली यात्रा है।

भारतीय वायुसेना के अनुसार इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना, ऑपरेशनल क्षमताओं को बेहतर करना और हवाई युद्धाभ्यास के दौरान एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना है।

Tejas, Su-30 MKI और Rafale भी होंगे शामिल

वीर गार्जियन 2026 में भारतीय वायुसेना अपनी अग्रिम पंक्ति के कई लड़ाकू विमानों के साथ हिस्सा ले रही है। इनमें स्वदेशी Light Combat Aircraft Tejas, Su-30 MKI और Rafale शामिल हैं।

वहीं जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स की ओर से F-2A फाइटर एयरक्राफ्ट अभ्यास में भाग ले रहे हैं। दोनों देशों के लड़ाकू विमानों के बीच संयुक्त ऑपरेशनल गतिविधियों से पायलटों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म और रणनीतिक परिस्थितियों में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा।

22 सितंबर तक चलेगा युद्धाभ्यास

रक्षा मंत्रालय के अनुसार द्विपक्षीय वायु अभ्यास वीर गार्जियन-2026 जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। यह अभ्यास 22 सितंबर 2026 तक चलेगा।

करीब 14 दिनों के इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के वायु योद्धा उन्नत ऑपरेशनल मिशनों में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा सैन्य पेशेवरों के बीच व्यापक संवाद और अनुभवों का आदान-प्रदान भी होगा।

हिंद-प्रशांत में बढ़ते सहयोग का संकेत

भारत और जापान के बीच रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम आधारित व्यवस्था, क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को महत्वपूर्ण मानते हैं।

ऐसे में वीर गार्जियन 2026 केवल एक नियमित सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक और रक्षा सहयोग का भी संकेत माना जा रहा है। जापानी लड़ाकू विमानों की भारत यात्रा इस साझेदारी में एक नया आयाम जोड़ती है।

दोनों वायुसेनाओं के बीच बढ़ेगी इंटरऑपरेबिलिटी

अभ्यास के दौरान भारतीय और जापानी वायुसेना के जवान उन्नत हवाई अभियानों का अभ्यास करेंगे। इसका एक प्रमुख उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल और संयुक्त रूप से काम करने की क्षमता को बढ़ाना है।

व्यावसायिक बातचीत और अनुभव साझा करने से दोनों देशों के वायु योद्धाओं को ऑपरेशनल प्रक्रियाओं और आधुनिक हवाई युद्ध की रणनीतियों को समझने का अवसर मिलेगा।

भारत-जापान रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती

राजनाथ सिंह के अनुसार इस तरह के सैन्य अभ्यास भारत और जापान के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करते हैं। वीर गार्जियन 2026 में जापानी F-2A और भारतीय Tejas, Su-30 MKI तथा Rafale की भागीदारी दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच बढ़ते सहयोग को प्रदर्शित करती है।

जोधपुर में होने वाला यह अभ्यास आने वाले दिनों में भारत-जापान रक्षा संबंधों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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