
“उज्जैन में ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति हटाने की अफवाह पर SDM एलएन गर्ग ने सफाई दी। कहा- अब तक मूर्ति हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ।“
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति हटाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। उज्जैन प्रशासन ने मूर्ति को हटाने या स्थानांतरित करने के लिए अब तक किसी तरह का प्रयास किए जाने से इनकार किया है।
उज्जैन के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) एलएन गर्ग ने कहा कि सोशल मीडिया पर इस संबंध में कुछ भ्रामक जानकारियां प्रसारित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की ओर से मूर्ति को हटाने के लिए न तो मशीनरी का इस्तेमाल किया गया है और न ही किसी अन्य तरीके से इसे हटाने का प्रयास हुआ है।
मूर्ति हटाने का कोई प्रयास नहीं- SDM
SDM एलएन गर्ग ने कहा कि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आज तक ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि मूर्ति को हटाने के लिए न तो जेसीबी जैसी किसी मशीन का इस्तेमाल हुआ और न ही किसी मानवीय तरीके से इसे हटाने की कोशिश की गई। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही उन सूचनाओं को अफवाह और भ्रामक जानकारी बताया है, जिनमें मूर्ति हटाने के प्रयास का दावा किया जा रहा था।
आस्था से जुड़ा है मामला
प्रशासन के मुताबिक, खड़े हनुमान जी की मूर्ति का मामला उज्जैन के लोगों और श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस संबंध में किसी भी तरह का निर्णय जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा।
SDM ने कहा कि उज्जैन की धार्मिक आस्था, संस्कृति और विरासत की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में मूर्ति को लेकर कोई भी कदम उठाने से पहले सभी पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
विशेषज्ञों की वैज्ञानिक सलाह के बाद होगा फैसला
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में मूर्ति को स्थानांतरित करने की आवश्यकता महसूस होती है तो उससे पहले विशेषज्ञों से वैज्ञानिक और तकनीकी सलाह ली जाएगी।
विशेषज्ञ मूर्ति की संरचना और उसकी स्थिति का परीक्षण करेंगे। इसके बाद उनकी रिपोर्ट और सलाह के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा।
सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्य भी जरूरी
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को देखते हुए विभिन्न विकास कार्य किए जाने हैं। प्रशासन का कहना है कि शहर में विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
ऐसे में ‘खड़े हनुमान जी’ की मूर्ति को लेकर किसी भी तरह का फैसला विकास और आस्था, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर किए जाने की बात कही गई है।
सोशल मीडिया की खबरों पर प्रशासन की अपील
मूर्ति हटाने को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच प्रशासन ने लोगों से भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने का संदेश दिया है। प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि मूर्ति हटाने का कोई प्रयास नहीं हुआ है और भविष्य में स्थानांतरण को लेकर कोई निर्णय विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही लिया जाएगा।
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