यूपी में बारिश के जलभराव पर सख्ती, नालों-सीवर की नियमित निगरानी के निर्देश

वाराणसी समेत सभी नगरीय क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश, लापरवाही मिलने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय कर होगी कार्रवाई

यूपी में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को लेकर योगी सरकार ने नगरीय निकायों को अलर्ट किया है। वाराणसी समेत सभी शहरों में नालों, सीवर लाइनों और पंपिंग स्टेशनों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

लखनऊ। बारिश के दौरान शहरों में जलभराव की समस्या को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने नगरीय निकायों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। यूपी में जलभराव की स्थिति से आमजन को राहत दिलाने के लिए वाराणसी समेत प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की नियमित निगरानी करने को कहा गया है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

संवेदनशील इलाकों को पहले से चिह्नित करने के निर्देश

नगर विकास मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि जिन इलाकों में बारिश के दौरान जलभराव की आशंका रहती है, उन्हें पहले से चिह्नित किया जाए। इन स्थानों पर नालों की सफाई, सीवर लाइनों की स्थिति और पंपिंग स्टेशनों की कार्यशीलता की समीक्षा करने के साथ कमियों को समय रहते दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का जोर इस बात पर है कि तेज बारिश के दौरान जल निकासी बाधित न हो और सड़कों तथा रिहायशी इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति को तत्काल नियंत्रित किया जा सके।

नालों और सीवर की नियमित जांच

निर्देशों के तहत नगरीय निकायों को नालों की सफाई और सीवर नेटवर्क की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। इसके अलावा पंपिंग स्टेशनों की कार्यशीलता की भी जांच की जाएगी। जहां जल निकासी व्यवस्था में तकनीकी खामी या किसी तरह का अवरोध मिले, वहां तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश हैं।

इससे पहले भी मानसून की तैयारियों के दौरान सरकार की ओर से नालों, सीवर नेटवर्क और पंपिंग स्टेशनों की सफाई एवं रखरखाव पर जोर दिया जाता रहा है।

लापरवाही पर अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही

अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। शासन के निर्देशों की अनदेखी या जल निकासी व्यवस्था में गंभीर कमी मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

सरकार का निर्देश केवल बारिश के दौरान तत्काल जल निकासी तक सीमित नहीं है। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने और संवेदनशील स्थानों पर आवश्यक सुधार करने पर जोर दिया गया है।

वाराणसी पर विशेष फोकस

वाराणसी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर में जल निकासी, सीवर और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। शहर में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए संवेदनशील स्थानों की निगरानी और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

सरकार का कहना है कि जलभराव जैसी नागरिक समस्याओं का समाधान केवल बारिश के समय किए जाने वाले इंतजामों से नहीं, बल्कि नियमित निगरानी और पहले से की गई तैयारी से भी जुड़ा है। इसलिए नगरीय निकायों को संभावित समस्या वाले क्षेत्रों में पहले से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

फील्ड स्तर पर निगरानी बढ़ाने पर जोर

जल निकासी व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए अधिकारियों को मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने और कमियों को तत्काल दूर कराने पर जोर दिया गया है। इससे नालों में अवरोध, सीवर लाइन की समस्या अथवा पंपिंग स्टेशन में तकनीकी खराबी जैसी स्थिति का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

बारिश के दौरान जलभराव से आम लोगों को होने वाली परेशानी को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों को अपनी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखना होगा और शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई करने के बजाय संभावित संवेदनशील क्षेत्रों में पहले से तैयारी करनी होगी।

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