अखिलेश यादव का अमित शाह पर निशाना, बोले- UCC का मतलब ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी’

सपा अध्यक्ष ने कहा- ‘पहले पिछले वादे निभाओ, UCC बाद में लाओ’; भाजपा सरकार पर पुराने कामों को आगे बढ़ाने का भी लगाया आरोप

अखिलेश यादव ने अमित शाह के UCC लागू करने के बयान पर पलटवार करते हुए इसे ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी’ बताया। जानिए पूरा मामला।

लखनऊ: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के UCC संबंधी बयान पर पलटवार किया है।

अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर UCC का व्यंग्यात्मक फुल फॉर्म ‘Underground Communal Conspiracy’ बताया। उन्होंने अपनी पोस्ट के साथ ‘पहले पिछले वादे निभाओ, UCC फिर बाद में लाओ’ शीर्षक से कविता भी साझा की।

अमित शाह ने हाल में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के नेतृत्व वाले NDA के सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इसे पहले ही लागू किया जा चुका है।

अखिलेश बोले- पहले पुराने वादे पूरे करो

अखिलेश यादव ने अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा सरकार के पुराने वादों और विभिन्न मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले पिछले वादों को पूरा किया जाना चाहिए और उसके बाद UCC की बात होनी चाहिए।

उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब UCC एक बार फिर राष्ट्रीय और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक बहस का प्रमुख मुद्दा बन रहा है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

भाजपा सरकार पर पुराने कामों को आगे बढ़ाने का आरोप

सपा अध्यक्ष ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कोई नई योजना लागू करने में सफल नहीं रही और समाजवादी सरकार के समय शुरू किए गए कार्यों को ही आगे बढ़ाया जा रहा है।

अखिलेश ने महिला सुरक्षा के लिए समाजवादी सरकार के दौरान शुरू की गई वूमेन पावरलाइन 1090 का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हाल में लखनऊ आए जापानी प्रतिनिधिमंडल को भी यह व्यवस्था दिखाई गई थी।

ये आरोप अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी की ओर से लगाए गए राजनीतिक दावे हैं।

‘भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में’

सपा प्रमुख ने कहा कि आने वाली पीढ़ी की खुशहाली के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ रहा है।

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में भाजपा सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने की अपील की।

अभ्यर्थियों ने भी सपा प्रमुख को सौंपे ज्ञापन

पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधिमंडल भी अखिलेश यादव से मिले।

एलोपैथिक फार्मेसिस्ट अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में 200 से अधिक रिक्त पदों को शामिल करने की मांग को लेकर उन्हें ज्ञापन दिया।

वहीं प्रतियोगी छात्रों और अभ्यर्थियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सभी PET आधारित भर्तियों में प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) का प्रावधान लागू करने की मांग रखी।

सपा छात्रसभा ने शुरू किया सदस्यता अभियान

समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई समाजवादी छात्र सभा ने भी मंगलवार से प्रदेशव्यापी छात्र संपर्क अभियान की शुरुआत की।

इसके तहत प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘छात्र-नौजवान PDA जागरूकता अभियान’ के तहत सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है।

छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को सदस्य बनाकर अभियान की शुरुआत की।

यूपी में UCC को लेकर राजनीतिक बहस तेज

अमित शाह के 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बाद उत्तर प्रदेश में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा बढ़ी है। हाल की रिपोर्टों के अनुसार, यूपी में भाजपा के सहयोगी दलों ने इस विषय पर अभी अपना विस्तृत आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है। वहीं राज्य विधि आयोग को भी अभी यूपी सरकार की ओर से UCC का मसौदा तैयार करने के लिए औपचारिक अनुरोध मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।

इस बीच अखिलेश यादव की टिप्पणी से साफ है कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को लेकर भाजपा की घोषणा का राजनीतिक रूप से विरोध कर रही है। UCC को लेकर आगे केंद्र और राज्य स्तर पर होने वाली चर्चाओं के साथ यूपी की राजनीति में भी इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

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