‘वोट चोरी’ बर्दाश्त नहीं करेंगे नागरिक, लोकतंत्र की रक्षा के लिए INDIA गठबंधन प्रतिबद्ध: कांग्रेस

“SIR को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। जयराम रमेश ने कहा कि नागरिक ‘वोट चोरी’ बर्दाश्त नहीं करेंगे। INDIA गठबंधन ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया है।“

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर अपने आरोपों को फिर दोहराया। कांग्रेस महासचिव एवं संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि चुनावी व्यवस्था को कथित रूप से ‘कब्जे’ में लेने के खिलाफ आवाजें लगातार तेज हो रही हैं और नागरिक किसी भी तरह की ‘वोट चोरी’ को स्वीकार नहीं करेंगे।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के एक साक्षात्कार का हवाला देते हुए SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनके अनुसार, रावत ने कहा है कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हुए हैं। रमेश ने SIR के कारण करीब 14 करोड़ मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने का दावा किया। यह आंकड़ा कांग्रेस की ओर से पूर्व सीईसी के कथित आकलन के आधार पर पेश किया गया है।

कांग्रेस ने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल

जयराम रमेश ने दावा किया कि कभी चुनाव आयोग को देश की चुनावी व्यवस्था में एक मानक संस्था के तौर पर देखा जाता था, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम से उसकी विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के कथित असहमति वाले मामलों का भी उल्लेख किया।

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में Form 6 में बदलाव, मतदाता डेटा तक पहुंच और चुनावी रोल के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।

Form 6 में बदलाव को लेकर भी कांग्रेस का आरोप

जयराम रमेश ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एक पोस्ट का हवाला देते हुए Form 6 में किए गए बदलाव पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जुलाई 2026 में नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े फॉर्म में SIR से संबंधित अतिरिक्त जानकारी मांगी गई और इससे नए मतदाताओं के नाम दर्ज होने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

हालांकि, चुनाव आयोग ने बाद में SIR पूरा हो चुके राज्यों में Form 6 से अतिरिक्त SIR घोषणा को हटाने की जानकारी दी। आयोग ने यह भी कहा कि SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं और मतदाता सूची में बदलाव की समीक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

INDIA गठबंधन ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च का ऐलान किया

SIR और कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर विपक्षी INDIA गठबंधन ने संयुक्त आंदोलन की घोषणा की है। गठबंधन के नेताओं के अनुसार, सभी जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च और देश के प्रमुख शहरों में रैलियां आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं से जुड़े मुद्दे उठाने की भी बात कही है।

गठबंधन की बैठक में भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी उठाई गई। विपक्षी दलों ने SIR और चुनावी प्रक्रियाओं से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी लाने की मांग सुप्रीम कोर्ट से करने की बात कही है।

चुनाव आयोग ने आरोपों पर क्या कहा?

SIR को लेकर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी संस्थान के भीतर अलग-अलग विचार और टिप्पणियां होना उसकी आंतरिक deliberation प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके आदेश कानूनी प्रावधानों के अनुरूप हैं।

हालिया घटनाक्रम के बाद आयोग ने अपने ECINET सॉफ्टवेयर और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। आयोग ने SIR के दौरान मतदाताओं की सुविधा के लिए दस्तावेज जुटाने और सुनवाई की प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी दी है।

इस बीच SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोप तथा चुनाव आयोग का पक्ष सामने आने के साथ विवाद जारी है। मामले से जुड़े कई मुद्दे न्यायिक और प्रशासनिक स्तर पर भी विचाराधीन हैं।

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