“जयपुर एयरपोर्ट पर बम की धमकी के बाद एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट AI-2030 की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान में सवार 250 यात्री सुरक्षित हैं और सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी हैं।“
जयपुर/नई दिल्ली। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 14 अक्टूबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रहे एयर इंडिया के एक विमान को बम की धमकी मिलने के बाद आपात स्थिति में उतारना पड़ा। सुरक्षा एजेंसियों को उस समय और सतर्क होना पड़ा, जब विमान के ट्रांसपोंडर से कुछ समय के लिए हाईजैक से संबंधित आपातकालीन कोड मिलने की खबर सामने आई। एहतियातन विमान का मार्ग बदलकर जयपुर में सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-2030 बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान था, जिसमें करीब 250 यात्री सवार थे। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद उसे एयरपोर्ट के एक अलग और सुरक्षित हिस्से, जिसे आइसोलेशन बे कहा जाता है, में ले जाया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और यात्रियों के सामान की जांच शुरू की। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित बताए गए हैं।
बम की धमकी मिलने के बाद बदला गया विमान का रास्ता
रिपोर्ट्स के अनुसार, फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रहा विमान भारतीय हवाई क्षेत्र के करीब पहुंच रहा था, तभी उसमें बम होने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। विमान की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित विमानन और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया। इसके बाद विमान को दिल्ली के बजाय जयपुर की ओर मोड़ने का निर्णय लिया गया।
विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसे अन्य विमानों और सामान्य गतिविधियों से अलग स्थान पर खड़ा किया गया। ऐसी परिस्थितियों में विमान की तलाशी, यात्रियों की सुरक्षा और संभावित खतरे की जांच प्राथमिकता होती है।
हालांकि, बम की धमकी की वास्तविकता, उसका स्रोत और विमान में किसी संदिग्ध वस्तु की मौजूदगी के संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
क्या है स्क्वाक 7500 कोड, जिससे जारी हुआ हाईजैक अलर्ट?
इस घटना के दौरान विमान के ट्रांसपोंडर पर ‘स्क्वाक 7500’ कोड सक्रिय होने की खबर भी सामने आई। विमानन क्षेत्र में इस कोड का इस्तेमाल अपहरण या विमान पर गैरकानूनी कब्जे जैसी स्थिति का संकेत देने के लिए किया जाता है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ऐसा संकेत मिलने पर संबंधित एजेंसियां निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत कार्रवाई करती हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान से यह संकेत कुछ सेकंड के लिए ही मिला था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क किया गया और विमान को जयपुर की ओर मोड़ा गया।
हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि कोड किस परिस्थिति में सक्रिय हुआ था और क्या यह किसी तकनीकी या मानवीय त्रुटि का परिणाम था। केवल इस कोड के सामने आने से विमान के वास्तव में हाईजैक होने की पुष्टि नहीं होती। इसकी सही वजह संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही सामने आएगी।
जयपुर एयरपोर्ट पर आइसोलेशन बे में रखा गया विमान
विमान के जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसे आइसोलेशन बे में ले जाया गया। यह एयरपोर्ट का ऐसा निर्धारित क्षेत्र होता है, जहां सुरक्षा संबंधी चिंता वाले विमान को दूसरे विमानों और सामान्य गतिविधियों से अलग रखा जा सकता है।
इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की जांच शुरू की। इस प्रक्रिया में विमान के अंदरूनी हिस्सों, यात्रियों के सामान और अन्य संभावित संदिग्ध वस्तुओं की पड़ताल की जाती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और धमकी की विश्वसनीयता का पता लगाना इस तरह की कार्रवाई का अहम हिस्सा होता है।
ऐसी घटनाओं में सुरक्षा एजेंसियों की जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता। बम की धमकी वास्तविक थी या अफवाह, इसका पता जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही चलेगा।
सऊदी अरब जाने वाली उड़ानें 17 अक्टूबर तक रद्द होने की खबर
इसी बीच, मध्य पूर्व में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण सऊदी अरब जाने वाली भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों को लेकर भी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, इंडिगो और अकासा एयर ने रियाद, दम्माम और जेद्दाह के लिए अपनी उड़ानें 17 अक्टूबर 2026 तक निलंबित करने का फैसला किया है।
बताया गया है कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के बीच यह कदम उठाया गया। रिपोर्ट में यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल हमलों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, उड़ानों के निलंबन की अवधि, संबंधित मार्गों और सभी एयरलाइंस पर लागू व्यवस्था की पुष्टि के लिए आधिकारिक एयरलाइन सूचनाओं को देखना जरूरी है।
प्रभावित यात्रियों को टिकट दोबारा निर्धारित कराने या रिफंड लेने के विकल्प दिए जाने की जानकारी भी रिपोर्ट में दी गई है। यात्रियों को सलाह है कि एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति, रद्द होने की सूचना और टिकट संबंधी शर्तों की पुष्टि कर लें।
यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों की स्थिति पर नजर
जयपुर एयरपोर्ट पर विमान की आपातकालीन लैंडिंग और सऊदी अरब जाने वाली उड़ानों को लेकर सामने आई खबरों ने विमानन सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हालांकि, दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग हैं और इन्हें एक ही घटना का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।
एयर इंडिया की AI-2030 फ्लाइट के मामले में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल बम की धमकी के स्रोत, स्क्वाक 7500 कोड सक्रिय होने की वजह और सुरक्षा जांच के नतीजों से जुड़े हैं। वहीं, सऊदी अरब की उड़ानों के मामले में यात्रियों के लिए आधिकारिक परिचालन अपडेट महत्वपूर्ण होंगे।
फिलहाल, विमान की सुरक्षित लैंडिंग और यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम राहत की बात है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी के पीछे क्या कारण था और विमान में हाईजैक अलर्ट से जुड़ा संकेत किन परिस्थितियों में सामने आया।
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