“वाराणसी के सारनाथ स्थित पैगंबरपुर में पटाखा फैक्ट्री में तीन तेज धमाकों से मकान हिल गए। राजू खान का मकान ध्वस्त, खिड़कियों के शीशे टूटे और दीवारों में दरारें आईं। लोगों ने सुनाई हादसे की आपबीती।“
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सारनाथ थाना क्षेत्र के पैगंबरपुर में पटाखा फैक्ट्री में हुए तेज धमाकों से पूरा इलाका दहल गया। शुक्रवार शाम करीब पौने पांच बजे एक के बाद एक हुए धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के मकान तक हिल गए। घरों की खिड़कियों के शीशे टूटकर गिर गए और दीवारों में दरारें आ गईं। धमाकों के बाद इलाके में धूल और काले धुएं का गुबार छा गया। अचानक हुई इस घटना से लोगों में दहशत फैल गई और वे जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ देर के लिए उन्हें लगा जैसे भूकंप आ गया हो। करीब 15 मिनट तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। धुआं कम होने के बाद पता चला कि राजू खान का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त हो गया है। आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।
एक के बाद एक धमाकों से कांप उठे मकान
पैगंबरपुर में धमाकों के बाद लोगों ने बताया कि पहले एक तेज आवाज सुनाई दी, फिर लगातार दो से तीन धमाकों की आवाज आई। विस्फोट इतने तेज थे कि घरों के भीतर रखे सामान और खिड़कियों के शीशे तक प्रभावित हुए। कई लोगों को शुरुआत में कुछ समझ नहीं आया। वे घबराकर अपने घरों से बाहर निकले तो गलियों में धुआं और धूल फैली हुई थी।
स्थानीय निवासी महेश गुप्ता ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि उन्हें लगा मानो धरती हिल गई हो। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया और कुछ समय तक कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। जब स्थिति कुछ सामान्य हुई तो उन्होंने देखा कि उनके घर की खिड़कियों के शीशे टूट चुके थे। उन्होंने बताया कि धमाकों से आसपास काफी नुकसान हुआ है।
सिलाई मशीन हिलने लगी, टूटकर गिर गए खिड़कियों के शीशे
घटना के दौरान घर में मौजूद जानकी देवी ने बताया कि वह सिलाई कर रही थीं, तभी अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद लगातार दो-तीन धमाकों की आवाज आई। उन्होंने बताया कि धमाके के प्रभाव से सिलाई मशीन हिलने लगी और खिड़कियों के शीशे टूटकर नीचे गिर गए। आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के बाद पूरे इलाके में कुछ देर तक दहशत का माहौल रहा। लोग अपने घरों और परिवार के सदस्यों की स्थिति जानने के लिए बाहर निकल आए। आसपास के मकानों में हुए नुकसान को देखकर लोग सहम गए।
पांच फीट की संकरी गली में हुआ विस्फोट, घनी आबादी होने से बढ़ा खतरा
जिस मकान में विस्फोट हुआ, उसके आसपास घनी आबादी है। यहां छोटे-छोटे मकान बने हुए हैं और गली की चौड़ाई करीब पांच फीट बताई गई है। ऐसे संकरे रास्ते में धमाके के बाद धुआं और धूल भर जाने से लोगों को बाहर निकलने में भी परेशानी हुई।
गनीमत रही कि धमाके के समय मकान के पास गली में कोई मौजूद नहीं था। शाम का समय होने के कारण मोहल्ले के कई बच्चे और युवक मुख्य सड़क की ओर निकले हुए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उस समय गली में अधिक लोग मौजूद होते तो हादसा और गंभीर हो सकता था।
घर का छज्जा गिरा, दीवारों में आईं दरारें
धमाकों से आसपास के मकानों को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय निवासी सोनी केशरी ने बताया कि विस्फोट के बाद चारों ओर धूल और धुआं फैल गया था। सांस लेना मुश्किल हो रहा था और कुछ देर तक समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। उन्होंने बताया कि गली में खेल रही उनकी बेटी को हल्की चोट लगी। उनके घर का छज्जा गिर गया और दीवार में दरार आ गई। पूजा घर को भी नुकसान पहुंचा।
वहीं, अजय केशरी ने बताया कि वह ड्यूटी पर थे, तभी उनकी पत्नी का फोन आया कि इलाके में धमाका हुआ है और घर को काफी नुकसान पहुंचा है। घर पहुंचने पर वहां की स्थिति देखकर वह समझ नहीं पा रहे थे कि क्या किया जाए। उन्होंने राहत जताई कि उनके परिवार में किसी को गंभीर चोट नहीं आई।
धमाकों के बाद इलाके में दहशत, नुकसान से सहमे लोग
पैगंबरपुर में हुए धमाकों ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया। मकानों के हिलने, शीशे टूटने और दीवारों में दरारें आने से लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। घटना के बाद लोग एक-दूसरे का हालचाल लेने और नुकसान का जायजा लेने में जुटे रहे।
घनी आबादी और संकरी गलियों के बीच पटाखों से जुड़े विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, धमाकों के सटीक कारण, विस्फोटक सामग्री की प्रकृति और नुकसान के विस्तृत आकलन की पुष्टि संबंधित जांच के बाद ही हो सकेगी।
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