शरद पवार गुट में नहीं मिलेगी NCP! सुनेत्रा पवार और फडणवीस की बैठक से बढ़ी हलचल

मुंबई : महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) ने राज्य सरकार में वित्त मंत्रालय दोबारा हासिल करने की मांग तेज कर दी है। रविवार, 25 अक्टूबर को उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास पर पार्टी नेताओं की बैठक हुई। इसके बाद NCP नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास ‘वर्षा’ पर मुलाकात की। दोनों पक्षों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई।

बैठक के बाद NCP नेता और मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि पार्टी ने मुख्यमंत्री के सामने वित्त मंत्रालय दोबारा देने की मांग रखी है। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया है।

शीतकालीन सत्र से पहले मिल सकता है वित्त मंत्रालय

छगन भुजबल ने कहा कि वित्त मंत्रालय पहले NCP के पास था और अब पार्टी इसे दोबारा हासिल करना चाहती है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर विधायकों के बीच भी चर्चा हो रही है।

भुजबल के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि NCP को शीतकालीन सत्र से पहले वित्त मंत्रालय मिल सकता है। हालांकि, इस बारे में अंतिम फैसला होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

मंत्रिमंडल विस्तार पर भी हुई चर्चा

बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्रियों के विभागों में संभावित बदलाव को लेकर भी चर्चा हुई। महाराष्ट्र की महायुति सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर NCP की यह मांग राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है।

छगन भुजबल ने उन खबरों को भी खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पार्टी के चार या पांच मंत्रियों को बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी बातों में कोई सच्चाई नहीं है और इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।

शरद पवार गुट से विलय पर क्या बोले भुजबल?

शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ विलय की चर्चाओं पर भी छगन भुजबल ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने विलय के लिए दूसरे गुट से कभी संपर्क नहीं किया।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों NCP गुटों के संभावित विलय को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा चल रही है। शरद पवार पहले कह चुके हैं कि विलय की दिशा में पहल अजित पवार गुट को करनी होगी।

सुधीर मुनगंटीवार ने क्या कहा?

NCP की वित्त मंत्रालय की मांग पर बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि NCP NDA का हिस्सा है और उसे अपनी मांग रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यह कोई तानाशाही व्यवस्था नहीं है, जहां किसी की बात नहीं सुनी जाती।

फिलहाल, NCP (अजित पवार गुट) का जोर वित्त मंत्रालय दोबारा हासिल करने और सरकार में विभागों के बंटवारे से जुड़े मुद्दों को सुलझाने पर है।

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