अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, सांसद-विधायकों के साथ जाएंगे राम मंदिर; बोले- तारीख तय करो

“अखिलेश यादव ने अयोध्या में कहा कि वह सांसदों और विधायकों के साथ राम मंदिर जाएंगे। उन्होंने तारीख तय करने को कहा और सीएम योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। जानिए पूरा मामला।“

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अयोध्या में रामलला के दर्शन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों के साथ राम मंदिर जाएंगे। अयोध्या में एक कार्यक्रम के दौरान रामलला के दर्शन को लेकर सवाल पूछे जाने पर अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय की ओर इशारा करते हुए कहा कि तारीख तय करो, सभी सांसदों और विधायकों के साथ रामलला के दर्शन करेंगे।

अखिलेश यादव बृहस्पतिवार को अयोध्या में पवन पांडेय के कृष्णापुर स्थित आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे थे। कथा के मंच से उन्होंने कहा कि उन्हें भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण समेत सभी देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

सैफई में केदारेश्वर मंदिर के बाद रामजन्मभूमि जाएंगे अखिलेश

अखिलेश यादव ने कहा कि सैफई में केदारेश्वर मंदिर बनने के बाद वह रामजन्मभूमि जाएंगे और रामलला के दर्शन करेंगे। उन्होंने सामूहिक रूप से अयोध्या जाने का संकेत देते हुए पार्टी के सांसदों और विधायकों को भी साथ ले जाने की बात कही।

उनके इस बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अयोध्या की सियासत में महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। राम मंदिर और अयोध्या लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे हैं।

अखिलेश ने योगी आदित्यनाथ को दी अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती

सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती भी दी। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अयोध्या के विकास और अपनी लोकप्रियता को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो उन्हें स्वयं अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए।

अखिलेश ने दावा किया कि चुनाव के दौरान जनता भाजपा सरकार के विकास संबंधी दावों और जमीन पर मौजूद स्थिति का हिसाब करेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या में सपा प्रत्याशी की घोषणा के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है और इन सर्वे में पार्टी पीछे दिखाई दे रही है।

सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा को अयोध्या में नया प्रत्याशी तलाशने में परेशानी हो रही है। हालांकि, यह उनके राजनीतिक दावे हैं।

अयोध्या के विकास पर भी साधा भाजपा पर निशाना

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अयोध्या के विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन विकास परियोजनाओं का वास्तविक लाभ स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को नई दिशा दी जाएगी। उनकी सरकार का लक्ष्य अयोध्या को अंतरराष्ट्रीय स्तर के शहर के रूप में विकसित करना होगा।

अखिलेश ने कहा कि अयोध्या को केवल पर्यटन केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया की प्रमुख तीर्थनगरी के तौर पर विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।

महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने का वादा

सपा अध्यक्ष ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर वर्ष 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।

अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में किसी गरीब के घर या दुकान को उजाड़ने की कार्रवाई नहीं होने दी जाएगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

चुनाव आयोग पर भी अखिलेश ने साधा निशाना

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और किसी भी स्तर पर बेईमानी या भेदभाव नहीं होना चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि गरीबों के मताधिकार की रक्षा करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। श्रीमद्भागवत कथा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसका संदेश अन्याय के खिलाफ खड़े होने और किसी के साथ भेदभाव नहीं करने का है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची और SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।

2027 चुनाव में गठबंधन को लेकर अखिलेश का बड़ा दावा

आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि इस बार गठबंधन पहले से अधिक मजबूत होगा।

उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे और प्रदेश की जनता का समर्थन हासिल करेंगे। सपा अध्यक्ष के इस बयान को 2027 के चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की रणनीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा नेताओं ने रामलला के दर्शन नहीं करने पर घेरा

अखिलेश यादव के अयोध्या दौरे के दौरान रामलला के दर्शन नहीं करने को लेकर भाजपा नेताओं ने भी उन पर निशाना साधा। भाजपा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रामनगरी आने के बावजूद रामलला के दर्शन से दूरी बनाना अखिलेश यादव की अयोध्या के प्रति सोच को दर्शाता है।

अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने भी सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि रामसेवकों पर गोली चलवाने वाली राजनीति को अयोध्या का विकास और राम मंदिर का वैभव स्वीकार नहीं है।

पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम है। भाजपा के महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी।

अयोध्या में 2027 से पहले बढ़ेगा सियासी तापमान

अखिलेश यादव का राम मंदिर जाने का ऐलान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया ने अयोध्या की सियासत को गरमा दिया है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले अयोध्या एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आती दिखाई दे रही है। अखिलेश यादव के सामूहिक रूप से रामलला के दर्शन के ऐलान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राम मंदिर जाने की तारीख कब तय होती है और इस यात्रा का सियासी संदेश क्या होगा।

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