“बाराबंकी में IGRS समीक्षा बैठक से 12 अधिकारियों के गैरहाजिर रहने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने एक दिन का वेतन बाधित करने के आदेश दिए। सभी अधिकारियों से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।“
बाराबंकी। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को हुई IGRS समीक्षा बैठक में 12 अधिकारी गैरहाजिर मिले। इस पर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों का एक दिन का वेतन बाधित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही गैरहाजिर रहने का कारण बताते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
आठ दिनों के भीतर यह दूसरा मौका है जब IGRS के मामलों में लापरवाही या समीक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इससे पहले 11 अगस्त को भी 12 अधिकारियों का एक दिन का वेतन बाधित किया गया था।
जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में IGRS के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों और संदर्भों का समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शामिल है। अधिकारियों को इस संबंध में समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जाते हैं।
इसके बावजूद कुछ अधिकारियों की ओर से शिकायतों के निस्तारण को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में 12 अधिकारियों की गैरहाजिरी को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
तीन दिन में देना होगा स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार सभी संबंधित अधिकारियों को अपनी गैरहाजिरी का कारण स्पष्ट करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। इसके साथ ही एक दिन का वेतन बाधित करने की कार्रवाई भी की गई है।
जिलाधिकारी के इस रुख से अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिया गया है कि IGRS पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण और समीक्षा बैठकों में उपस्थिति को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन 12 अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
बुधवार की समीक्षा बैठक में गैरहाजिर रहने पर जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, खंड शिक्षा अधिकारी हैदरगढ़, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक त्रिवेदीगंज, खंड शिक्षा अधिकारी मसौली, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक दरियाबाद, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक सिरौली गौसपुर, अधिशासी अधिकारी रामनगर, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) लीड बैंक, खंड शिक्षा अधिकारी देवा, अधिशासी अधिकारी बेलहरा और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक बनीकोडर शामिल हैं।
आठ दिन में दूसरी बड़ी कार्रवाई
IGRS मामलों में बाराबंकी प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इससे पहले 11 अगस्त को 59 डिफाल्टर संदर्भों के मामले में 12 अधिकारियों का एक दिन का वेतन बाधित किया गया था।
अब समीक्षा बैठक में गैरहाजिरी और IGRS से जुड़े कार्यों की निगरानी के दौरान 12 अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस तरह जिलाधिकारी की ओर से IGRS मामलों में लापरवाही को लेकर अब तक कुल 24 अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।
अधिकारियों को दिया सख्त संदेश
जिलाधिकारी के लगातार सख्त रुख से प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और समीक्षा बैठकों से गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रशासन का जोर अब IGRS पर आने वाली शिकायतों का केवल समयसीमा के भीतर निस्तारण करने पर ही नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने पर भी है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शासन की प्राथमिकताओं वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए।








