महिला पहलवान यौन शोषण मामला: दलीलें नहीं रखने पर बृजभूषण शरण सिंह पर हाईकोर्ट की आपत्ति

महिला पहलवान यौन शोषण मामला बृजभूषण शरण सिंह में दिल्ली हाईकोर्ट ने दलीलें पेश न करने पर आपत्ति जताई है। कोर्ट ने साफ किया कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।

हाइलाइट्स :

  • बृजभूषण शरण सिंह की याचिका पर दलीलें न रखने पर हाईकोर्ट नाराज
  • कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं
  • राऊज एवेन्यू कोर्ट में ट्रायल 26 जुलाई 2024 से जारी
  • पांच महिला पहलवानों के आरोपों पर बृजभूषण के खिलाफ आरोप तय
  • अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को होगी

नई दिल्ली। महिला पहलवान यौन शोषण मामला बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर चर्चा में है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल केस में बीजेपी नेता और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की ओर से दलीलें पेश नहीं किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने कहा कि यह याचिका वर्ष 2024 में दाखिल की गई थी, लेकिन अब तक याचिकाकर्ता की ओर से प्रभावी दलीलें पेश नहीं की गई हैं। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि इस मामले में निचली अदालत यानी ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर किसी प्रकार की रोक नहीं है और ट्रायल जारी रहेगा। मामले की अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह की ओर से पेश वकील ने दलीलें रखने के लिए और समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। इससे पहले 29 अगस्त 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को कोई राहत देने से इनकार कर दिया था।

हाईकोर्ट ने उस समय टिप्पणी की थी कि जब ट्रायल शुरू हो चुका है, तब आरोप तय करने के आदेश को चुनौती देना पूरे केस को अप्रत्यक्ष रूप से खत्म करने का प्रयास है। दिल्ली पुलिस ने भी याचिका का विरोध करते हुए इसे सुनवाई योग्य न होने की दलील दी थी।

गौरतलब है कि राऊज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले का ट्रायल 26 जुलाई 2024 से चल रहा है। 10 मई 2024 को ट्रायल कोर्ट ने छह में से पांच महिला पहलवानों की शिकायतों पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे, जबकि एक शिकायत में उन्हें बरी कर दिया गया था।

कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 354ए और 506 के तहत आरोप तय किए हैं। वहीं सह-आरोपी और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर के खिलाफ IPC की धारा 506 के तहत आरोप तय किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर 7 जुलाई 2023 को कोर्ट ने संज्ञान लिया था।

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