मैरी कॉम के कोच रहे छोटे लाल यादव को द्रोणाचार्य सम्मान, बोले- जिम्मेदारी और बढ़ गई

द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित वाराणसी के बॉक्सिंग कोच छोटे लाल यादव ने ओलंपिक में भारत के लिए गोल्ड मेडल का लक्ष्य रखा है। जानिए मैरी कॉम से लेकर भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम तक उनके सफर की कहानी।

वाराणसी: बॉक्सिंग की दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले वाराणसी के छोटे लाल यादव के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। देश के प्रतिष्ठित कोचिंग सम्मान से नवाजे गए छोटे लाल यादव अब भारतीय बॉक्सिंग को अगली ऊंचाई तक ले जाने के मिशन में जुटे हैं। उनका लक्ष्य साफ है- ओलंपिक में भारत के लिए कांस्य पदक का रंग बदलकर उसे स्वर्ण में तब्दील करना।

छोटे लाल यादव ने कहा कि खेल में सबसे जरूरी चीज दृढ़ संकल्प है। भारत ने ओलंपिक में बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन अब वह भारतीय खिलाड़ियों को स्वर्ण पदक तक पहुंचाना चाहते हैं।

द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने पर बढ़ी जिम्मेदारी

द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए नाम घोषित होने के बाद छोटे लाल यादव ने खुशी जताते हुए इसका श्रेय भारतीय सेना, खिलाड़ियों, सरकार और अपने गुरु को दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और विभिन्न संस्थाओं से मिलने वाले सहयोग की वजह से भारतीय मुक्केबाजों के प्रदर्शन में पिछले कुछ वर्षों में सुधार आया है।

वाराणसी के पहाड़ी गांव के रहने वाले छोटे लाल यादव का खेल से जुड़ाव बचपन से रहा। उनके पिता बीएलडब्ल्यू में कार्यरत थे। उन्होंने अपने खेल करियर की शुरुआत सिगरा स्टेडियम से की थी।

पहले तैराकी करते थे, फिर बॉक्सिंग ने बदली जिंदगी

छोटे लाल यादव ने शुरुआत में तैराकी की थी। हालांकि, उनके शरीर और फिटनेस को देखकर कोच ने उन्हें बॉक्सिंग में जाने की सलाह दी। इसके बाद वर्ष 1999 में उनका चयन पुणे के आर्मी बॉयज प्रोग्राम में हुआ।

यहीं से उनका बॉक्सिंग का सफर शुरू हुआ और आगे चलकर उन्होंने सेना में भी सेवा दी। वह वर्तमान में सेना में सूबेदार हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 में स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) पुणे ने 200 खिलाड़ियों का चयन किया था। परिवार से दूर जाकर प्रशिक्षण लेना उनके लिए आसान फैसला नहीं था, लेकिन उन्होंने खेल को आगे बढ़ाने के लिए पुणे जाने का निर्णय लिया।

मैरी कॉम के निजी ट्रेनर बने

छोटे लाल यादव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण अध्याय मैरी कॉम के साथ जुड़ाव रहा। वर्ष 2015 में उन्हें मैरी कॉम के निजी ट्रेनर के रूप में काम करने का मौका मिला।

मैरी कॉम के साथ अपने अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह पहले से ही चैंपियन थीं और उनका काम उनकी उस क्षमता और स्तर को बनाए रखने में मदद करना था।

उनके कोचिंग करियर की बड़ी उपलब्धियों में मैरी कॉम के साथ कई अंतरराष्ट्रीय सफलताएं शामिल हैं। इनमें 2017 एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण और 2018 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण प्रमुख हैं। इसके अलावा 2019 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य और टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना भी उनके कोचिंग सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धियां रही हैं।

भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम को भी दी ट्रेनिंग

छोटे लाल यादव को वर्ष 2017-18 में भारतीय महिला बॉक्सिंग टीम के साथ कोचिंग की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारतीय दल की तैयारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी कई महिला शिष्य विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनका मानना है कि भारतीय महिला बॉक्सिंग में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सही प्रशिक्षण तथा निरंतर समर्थन के जरिए देश बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल कर सकता है।

खिलाड़ी के रूप में भी रहा शानदार सफर

कोच बनने से पहले छोटे लाल यादव खुद भी सफल मुक्केबाज रहे। उन्होंने एशियाई बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2012 के लंदन ओलंपिक के प्रशिक्षण शिविर के लिए भी उनका चयन हुआ था, लेकिन चोट के कारण वह आगे नहीं बढ़ सके।

इसके बाद वर्ष 2012-13 में उन्होंने पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में सहायक कोच के रूप में काम शुरू किया। वर्ष 2014 में वह पटियाला स्थित नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स पहुंचे और वहां डिप्लोमा कोर्स में शीर्ष स्थान हासिल किया।

अब लक्ष्य ओलंपिक गोल्ड

छोटे लाल यादव का मानना है कि भारत के पास दुनिया के शीर्ष स्तर के मुक्केबाज तैयार करने की क्षमता है। द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलने के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।

उनका सपना अब ऐसे मुक्केबाज तैयार करना है जो ओलंपिक के मंच पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीत सकें। उनका संदेश साफ है- भारत ने कांस्य और अन्य पदकों तक अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा दी है, अब अगला लक्ष्य सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंचना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button