योगी आदित्यनाथ का सख्त एक्शन: बागपत खान अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि

“बागपत में राजस्व वसूली में लापरवाही पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई करते हुए खान अधिकारी को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी। जानिए पूरी खबर, कारण और निर्देश।”

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार में लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त रुख एक बार फिर सामने आया है। बागपत में खनन कार्यों और राजस्व वसूली में गंभीर ढिलाई पाए जाने पर खान अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 की मध्यावधि के लिए विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।

खनन एवं भूतत्व विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव द्वारा की गई समीक्षा में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में सामने आया कि 42 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 22.85 करोड़ रुपये की ही राजस्व वसूली हो सकी है, जो विभागीय अपेक्षाओं से काफी कम है।

समीक्षा में सामने आईं प्रमुख कमियां

जांच के दौरान बागपत में खनन व्यवस्था को लेकर कई स्तरों पर लापरवाही पाई गई—

  • खनन पट्टों के निष्पादन में अनावश्यक देरी
  • जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डीएसआर) के अद्यतन में लापरवाही
  • संभावित नए खनन क्षेत्रों को चिन्हित कर शामिल न करना
  • हरियाणा सीमा से आने वाले उपखनिज वाहनों की निगरानी के लिए चेकगेट की स्थापना न करना

इन खामियों के कारण न सिर्फ राजस्व को नुकसान हुआ, बल्कि अवैध खनन और परिवहन पर नियंत्रण भी कमजोर पड़ा।

नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब

विभाग द्वारा पहले ही खान अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए उनके खिलाफ विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का निर्णय लिया गया।

सीएम योगी का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन के कार्यों में किसी भी प्रकार की उदासीनता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि—

  • खनन पट्टों का निष्पादन तेजी से किया जाए
  • डीएसआर को समयबद्ध तरीके से अपडेट किया जाए
  • नए खनन क्षेत्रों की पहचान कर तत्काल शामिल किया जाए
  • अवैध खनन व परिवहन पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए

अन्य अधिकारियों को भी चेतावनी

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई एक संदेश है कि यदि कार्य में ढिलाई या राजस्व हानि पाई गई, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

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लखनऊ से स्टेट हेड संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट

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