“संतकबीर नगर में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव से पूछा कि वे किस मुंह से लोकतंत्र बचाने की बात करेंगे। कार्यक्रम में 500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।“
संतकबीर नगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान हत्या दिवस के अवसर पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन था। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले नेताओं को पहले अपने राजनीतिक इतिहास और विरासत का जवाब देना चाहिए।
संतकबीर नगर में बाबा बैजूनाथ धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान संविधान की प्रतियां लेकर घूमने वाले नेताओं का असली चेहरा अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि वे बताएं कि अब किस मुंह से जनता के बीच जाएंगे और किस नैतिक आधार पर लोकतंत्र बचाने की बात करेंगे।
करीब 500 करोड़ की परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धनघटा और खजनी विधानसभा क्षेत्रों के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने संतकबीर नगर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए विकास कार्यों के साथ-साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने भारतीय संविधान तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों और मूल्यों का सबसे अधिक अपमान किया है। ऐसे में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करना उनके लिए नैतिक रूप से उचित नहीं है।
आपातकाल को बताया लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला
मुख्यमंत्री ने आपातकाल की 51वीं बरसी का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की मूल भावना को कुचलने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया और राजनीतिक विरोधियों को जेलों में डाल दिया गया।
योगी ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, चौधरी चरण सिंह, मुरली मनोहर जोशी, चंद्रशेखर और मुलायम सिंह यादव समेत लाखों लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर प्रताड़ित किया गया था। समाजवादी विचारधारा से जुड़े नेताओं को भी उस समय नहीं बख्शा गया था।
“भाजपा ही संविधान और बाबा साहेब के सपनों की सच्ची संरक्षक”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई दल संविधान के सम्मान और बाबा साहेब के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है तो वह भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सामाजिक न्याय, गरीब कल्याण और सुशासन के माध्यम से संविधान की मूल भावना को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
अक्षय पात्र के केंद्रीयकृत रसोईघर का किया लोकार्पण
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक लाख बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार करने की क्षमता वाले अक्षय पात्र फाउंडेशन के नवनिर्मित केंद्रीयकृत रसोईघर का लोकार्पण किया। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर शिक्षकों और अधिकारियों से अपील की कि कोई भी बच्चा विद्यालय आने से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे का स्कूल में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और उसे यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते, मोजे और अन्य आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना बयान
संविधान हत्या दिवस के मौके पर दिया गया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह बयान प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है। एक ओर भाजपा आपातकाल के मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ बड़ा राजनीतिक हथियार बना रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण की रणनीति के तौर पर देख रहा है। आगामी चुनावी समीकरणों के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान आने वाले दिनों में राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहने की संभावना है।
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