2017 के बाद बदली तस्वीर: यूपी के स्कूल अब आधुनिक सुविधाओं से लैस, 60 लाख नए छात्रों का नामांकन

वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ, सीएम Yogi Adityanath ने गिनाईं उपलब्धियां—1.36 लाख स्कूलों का कायाकल्प, ड्रॉपआउट दर में भारी कमी

"सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी स्कूल चलो अभियान 2026: उत्तर प्रदेश में 1.36 लाख स्कूलों का आंकड़ा, 60 लाख नए नामांकन, ड्रॉपआउट में कमी और शिक्षा पर 80 हजार करोड़ खर्च—जानिए पूरी रिपोर्ट।"

वाराणसी/लखनऊ। योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी के शिवपुर प्राथमिक विद्यालय से स्कूल चलो अभियान 2026 की शुरुआत करते हुए दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां परिषदीय विद्यालय जर्जर हालत में थे और नामांकन लगातार गिर रहा था, वहीं अब आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल बच्चों के आकर्षण का केंद्र बन गए हैं।

उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रदेश के 1.36 लाख स्कूलों का जीर्णोद्धार किया गया है। इन स्कूलों में शौचालय, पेयजल, फर्नीचर, ब्लैकबोर्ड और स्वच्छ वातावरण जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

सीएम योगी के अनुसार, इन प्रयासों का असर यह हुआ कि प्रदेश में 60 लाख से अधिक नए बच्चों का नामांकन हुआ और ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

शिक्षा में बदलाव की नई तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं बल्कि संस्कार और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक समय जिन स्कूलों में 10 से भी कम छात्र रह गए थे, वहां अब 250 से अधिक छात्र पढ़ रहे हैं।

योजनाओं से मजबूत हुआ आधार

सरकार ने निपुण भारत मिशन, बाल वाटिका और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) जैसी योजनाओं के जरिए शिक्षा को नई दिशा दी है।

. DBT के तहत अब प्रत्येक छात्र को 1200 रुपये की सहायता
. यूनिफॉर्म, जूते, बैग आदि सीधे अभिभावकों के खाते में
. आंगनबाड़ी के माध्यम से 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए बाल वाटिका


मिड डे मील और सुविधाओं का असर

विद्यालयों में मिड डे मील योजना के जरिए बच्चों को पौष्टिक भोजन मिल रहा है, जिससे उनकी उपस्थिति बढ़ी है और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।

बड़े फैसले और भविष्य की योजनाएं

सीएम योगी ने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय को कक्षा 12 तक विस्तारित किया जा रहा है। हर जिले में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किए जा रहे हैं। श्रमिक और निराश्रित बच्चों को विशेष प्राथमिकता।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा पर हर साल करीब 80 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

जन-आंदोलन बनाने की अपील

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों, शिक्षा मित्रों और समाज के लोगों से अपील की कि वे घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ें और “स्कूल चलो अभियान” को जन-आंदोलन बनाएं, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।



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संजीव श्रीवास्तव की रिपोर्ट



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