“सहारनपुर में सड़क जाम और धरना प्रदर्शन के मामले में सपा सांसद इकरा हसन पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज की गई है। उनके साथ 6 नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर भी केस हुआ है। मामला मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है।“
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके साथ 6 नामजद और 25 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई डीआईजी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और सड़क जाम के आरोपों के बाद की गई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला उस समय का है जब दो दिन पहले एक हत्या के मामले को लेकर सांसद इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ सहारनपुर में डीआईजी कार्यालय पहुंचीं थीं। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार के पक्ष में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए धरना शुरू कर दिया था।
जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद सांसद और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई थी।
इसी घटनाक्रम को आधार बनाकर सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने थाना सदर बाजार में तहरीर दी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोप लगाया है कि धरना और सड़क जाम के कारण सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई।
यह पूरा विवाद शामली जिले के दशाले गांव में हुए मोनू कश्यप हत्याकांड से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग को लेकर लंबे समय से प्रशासन से गुहार लगा रहा था। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सांसद मौके पर पहुंची थीं।
धरने के दौरान कई नेताओं और समर्थकों को हिरासत में लेकर बाद में जेल भेजा गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया। अब सांसद सहित अन्य लोगों पर केस दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
विपक्ष इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बता रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून व्यवस्था बनाए रखने के तहत उठाया गया है।
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