ईरान संकट: पश्चिम एशिया संकट पर बोले राजनाथ सिंह, ‘समुद्र बन रहे वैश्विक शक्ति संतुलन का केंद्र’

ईरान संकट और पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्र विश्व शक्ति संतुलन का केंद्र बन रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में परमाणु ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है।

कोलकाता। राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और वैश्विक अस्थिरता पर चिंता जताते हुए कहा कि बदलती वैश्विक राजनीति में समुद्र शक्ति संतुलन का केंद्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका असर ऊर्जा आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

कोलकाता में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जो हालात बन रहे हैं, वे सामान्य नहीं हैं और इस समय यह कहना कठिन है कि स्थिति आगे किस दिशा में जाएगी।

होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व

रक्षा मंत्री ने Strait of Hormuz और फारस की खाड़ी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि जब भी इस क्षेत्र में किसी प्रकार की बाधा आती है, तो इसका सीधा असर तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ता है। साथ ही वैश्विक सप्लाई चेन भी प्रभावित होती है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में वैश्विक व्यापार पहले से ही दबाव में है और अनिश्चितताओं के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।

भारत की समुद्री भूमिका पर जोर

रक्षा मंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समुद्र अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े समुद्री देश के रूप में उभर रहा है और उसे स्पष्ट रणनीति और आत्मविश्वास के साथ समुद्री क्षेत्र में नेतृत्व करना होगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव

पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है। रिपोर्ट्स के अनुसार IRIS Dena नामक ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले में 87 ईरानी नाविकों की मौत हुई थी।

इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। हाल के दिनों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।

ईरान ने इसके जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है।

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