ईरान युद्ध का असर: पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा, भारत में बढ़ी महंगाई की चिंता

मिडिल ईस्ट तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, निजी कंपनी ने बढ़ाए दाम; सरकारी कंपनियों ने फिलहाल कीमतें रोकीं

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच भारत में पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 महंगा हो गया है। Nayara Energy ने कीमतें बढ़ाईं। जानें Fuel Price Hike की वजह, असर और पूरी खबर।

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच आम जनता को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। भारत की निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका असर अब भारत में भी दिखने लगा है।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल

बताया जा रहा है कि 28 फरवरी के बाद से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50% तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम लंबे समय से स्थिर थे। अब बढ़ती लागत के दबाव के चलते निजी कंपनियों ने कीमतें बढ़ानी शुरू कर दी हैं।

निजी कंपनियों पर ज्यादा दबाव

नायरा एनर्जी देश के करीब 7 हजार पेट्रोल पंप संचालित करती है। कंपनी का कहना है कि इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण कुछ बोझ ग्राहकों पर डालना जरूरी हो गया था।

वहीं Reliance Industries और BP के संयुक्त उपक्रम जियो-बीपी ने अभी तक कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सरकारी कंपनियों ने दाम रोके

देश की सरकारी तेल कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited अभी भी कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं।

इन कंपनियों का बाजार में लगभग 90% हिस्सा है, इसलिए फिलहाल आम उपभोक्ताओं पर असर सीमित स्तर पर ही देखने को मिल रहा है।

अलग-अलग राज्यों में अलग असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, वैट और अन्य स्थानीय टैक्स के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वास्तविक बढ़ोतरी अलग-अलग राज्यों में अलग हो सकती है। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत में 5.30 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि देखी जा सकती है।

ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बना रहता है, तो आने वाले दिनों में सरकारी कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं। इससे देश में महंगाई और बढ़ने की आशंका है।

ईरान युद्ध के असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अनिश्चितता के बीच ईंधन की कीमतें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ना तय है।

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