कारगिल विजय दिवस 2026: राजनाथ सिंह बोले- भारत माता के मुकुट का हीरा है कारगिल, पाकिस्तान को दी कड़ी चेतावनी

कारगिल विजय दिवस 2026 पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल में शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कारगिल विजय को भारत माता के मुकुट का हीरा बताया और पाकिस्तान को आतंकवाद, PoK और सीमा पर किसी भी दुस्साहस पर कड़ी चेतावनी दी।

द्रास (लद्दाख)। कारगिल विजय दिवस 2026 के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को द्रास स्थित कारगिल वॉर मेमोरियल पहुंचकर वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि “कारगिल विजय भारत माता के मुकुट में जड़ा हुआ एक अनमोल हीरा है।” उन्होंने भारतीय सेना के साहस, पराक्रम और बलिदान को राष्ट्र की सबसे बड़ी प्रेरणा बताया।

द्रास वॉर मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री ने कारगिल वॉर मेमोरियल पर पुष्पचक्र अर्पित कर वीर शहीदों को नमन किया। उनसे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी श्रद्धांजलि दी।

समारोह के दौरान भारतीय सेना के हेलीकॉप्टरों ने वॉर मेमोरियल पर पुष्पवर्षा कर शहीदों को सम्मान दिया।

पाकिस्तान को दी कड़ी चेतावनी

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 1999 में उसने छल से भारतीय चोटियों पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पाकिस्तान कोई भी दुस्साहस करता है तो भारत उसकी कल्पना से भी अधिक सख्त जवाब देगा।

PoK पर दो टूक संदेश

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच यदि कोई बातचीत होगी तो वह केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुद्दे पर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति का हिस्सा बना लिया है और वहां सेना तथा आतंकी संगठनों के बीच का अंतर लगभग समाप्त हो चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र

राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि आतंकवाद को संरक्षण देने वालों और आतंकियों के बीच अब कोई अंतर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत की संप्रभुता के खिलाफ उठाया गया हर कदम उसी प्रकार के निर्णायक जवाब का सामना करेगा।

ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ

कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत दुर्गम पहाड़ियों से घुसपैठियों को खदेड़कर कारगिल की चोटियों पर फिर से तिरंगा फहराया था।

द्रास में आयोजित कार्यक्रमों में ‘शौर्य संध्या’, श्रद्धांजलि समारोह और शहीद सैनिकों के परिजनों का सम्मान भी किया गया। रक्षा मंत्री ने कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के परिवारों को स्मृति कलश भी भेंट किए।

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