प्रिंस यादव की मौत और मुसल्लहपुर हाट विवाद पर बोले खान सर, कहा- ‘क्या मैंने उसे नेपाल भेजा था?’

मुसल्लहपुर हाट विवाद और रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में मौत मामले में खान सर ने पहली बार सफाई दी। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रिंस के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे और उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।

पटना। मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान में हुए विवाद और रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध मौत को लेकर अब खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है।

खान सर ने कहा कि प्रिंस यादव की नेपाल जाने और वहां हुई मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत है। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।

‘क्या मैंने उसे नेपाल भेजा था?’

रौशन आनंद की ओर से लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए खान सर ने कहा, “क्या मैंने उसे नेपाल भेजा था? क्या मैंने उसे कमर में पिस्टल लेकर घूमने के लिए कहा था? क्या मैंने कहा था कि नेपाल से शराब लेकर आओ या किसी का अपहरण करो?”

उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यहीन हैं।

प्रिंस पर पहले से कई मामले दर्ज होने का दावा

खान सर ने इंटरव्यू के दौरान दावा किया कि प्रिंस यादव के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने कहा कि प्रिंस पर दो अपहरण और तीन आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे और पुलिस अन्य मामलों में भी उसकी तलाश कर रही थी।

उन्होंने कहा कि प्रिंस इन्हीं मामलों के कारण नेपाल गया था, न कि उनके किसी बयान या कार्रवाई की वजह से।

‘मृत व्यक्ति के बारे में आरोप लगाना उचित नहीं?’

जब खान सर से पूछा गया कि किसी मृत व्यक्ति के बारे में इस तरह की बातें करना उचित है या नहीं, तो उन्होंने कहा कि वह केवल जांच से जुड़े तथ्यों का उल्लेख कर रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी की छवि खराब करना नहीं है, बल्कि खुद पर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब देना है।

यूपी के व्यक्ति को चाचा बताने वाले दावे को किया खारिज

खान सर ने उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा खुद को उनका चाचा बताए जाने के दावे को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति उनका रिश्तेदार नहीं है और झूठे दावे कर रहा है।

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि 2 जून की रात पटना के मुसल्लहपुर हाट स्थित एक कोचिंग संस्थान में विवाद हुआ था। इसके बाद ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में रौशन आनंद को अदालत से जमानत मिल गई।

इस मामले में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव फरार चल रहे थे, जिसके बाद नेपाल के एक होटल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

वहीं, मामले में खान सर के दो सुरक्षा गार्डों की भी गिरफ्तारी हुई थी। बाद में अदालत ने खान सर समेत तीन लोगों को अग्रिम जमानत और दोनों सुरक्षा गार्डों को नियमित जमानत दे दी थी।

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