“लखनऊ मेट्रो विस्तार को हरी झंडी, 5801 करोड़ की परियोजना को मंजूरी मेट्रो फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर परियोजना को योगी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले इस कॉरिडोर की लागत 5801.05 करोड़ रुपये होगी।”
लखनऊ। Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में Uttar Pradesh Metro Rail Corporation की लखनऊ मेट्रो परियोजना फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) को बड़ी मंजूरी मिल गई है।
कैबिनेट ने भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के बीच होने वाले त्रिपक्षीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) के निष्पादन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
5801 करोड़ रुपये की परियोजना
प्रदेश के वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। अब 5801.05 करोड़ रुपये की परियोजना लागत पर अंतिम सहमति दी गई है।
परियोजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
चारबाग से वसंतकुंज तक बेहतर कनेक्टिविटी
चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था को और मजबूत करेगा। इसके जरिए शहर के घनी आबादी वाले इलाकों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।
सरकार का मानना है कि मेट्रो विस्तार से सड़क पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों का सफर अधिक सुविधाजनक बनेगा।
2024 में डीपीआर को मिली थी मंजूरी
गौरतलब है कि लखनऊ मेट्रो फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की डीपीआर को 5 मार्च 2024 को हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके बाद Ministry of Housing and Urban Affairs ने 3 सितंबर 2025 को परियोजना की कुल लागत को स्वीकृति प्रदान की थी।
केंद्र सरकार ने परियोजना अनुमोदन के साथ यह शर्त रखी थी कि इसके क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और यूपीएमआरसी के बीच त्रिपक्षीय एमओयू किया जाएगा।
कैबिनेट ने एमओयू प्रारूप को दी मंजूरी
न्याय विभाग द्वारा परीक्षण और संशोधन के बाद तैयार एमओयू के प्रारूप को अब योगी कैबिनेट ने औपचारिक मंजूरी दे दी है।
कैबिनेट निर्णय में परियोजना के संचालन, वित्तीय भागीदारी और राज्य सरकार की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है।
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