लखनऊ में स्कूलों पर सख्ती: 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ेगी, यूनिफॉर्म 5 साल तक वही

डीएम की अध्यक्षता में बैठक—अभिभावकों को राहत, मनमानी वसूली और दबाव बनाने वाले स्कूलों पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ में DM के निर्देश के बाद प्राइवेट स्कूल अब सालाना 5% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकेंगे और यूनिफॉर्म 5 साल तक नहीं बदल पाएंगे। जानिए UP School Fee Regulation Act 2018 के नियम।

हाइलाइट्स :

  • फीस वृद्धि अधिकतम 5% तक सीमित
  • 5 साल तक यूनिफॉर्म में बदलाव नहीं
  • कैपिटेशन फीस पूरी तरह प्रतिबंधित
  • किसी एक दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकते
  • उल्लंघन पर ₹5 लाख तक जुर्माना या मान्यता रद्द

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।

बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2018 और 2020 संशोधन के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

फीस कितनी बढ़ा सकते हैं स्कूल?

नए निर्देशों के अनुसार:

  • स्कूल साल में अधिकतम 5% तक ही फीस बढ़ा सकते हैं
  • यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर होगी
  • इससे अधिक बढ़ोतरी करने पर जांच और कार्रवाई तय है

यूनिफॉर्म को लेकर बड़ा फैसला

  • किसी भी स्कूल को लगातार 5 शैक्षणिक वर्षों तक यूनिफॉर्म बदलने की अनुमति नहीं होगी
  • इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा

किताबों और दुकान पर भी सख्ती

  • स्कूल किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकते
  • NCERT पाठ्यक्रम वाले स्कूलों में NCERT की किताबें अनिवार्य होंगी

नियम तोड़ने पर क्या होगा?

यदि कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता है:

  • ₹5 लाख तक का जुर्माना
  • स्कूल की मान्यता या NOC रद्द हो सकती है

प्रशासन की सख्ती

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि

  • सभी स्कूल अपनी वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर फीस संरचना सार्वजनिक करें
  • अभिभावकों की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए
  • जांच के लिए विशेष टीम गठित की जाए

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