“उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा प्रमुख मायावती ने अलीगढ़ मंडल में संगठनात्मक फेरबदल किया है। कई पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां बढ़ाई गईं, जबकि कुछ नेताओं को नए जिले और क्षेत्र का प्रभार सौंपा गया है।“
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच बहुजन समाज पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष Mayawati ने अलीगढ़ मंडल में संगठनात्मक फेरबदल करते हुए कई पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। कुछ नेताओं का कार्यक्षेत्र बढ़ाया गया है, जबकि कुछ की जिम्मेदारियों को सीमित किया गया है।
रविवार देर रात जारी हुआ आदेश
बसपा जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह के अनुसार, संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रविवार रात लखनऊ से नई नियुक्तियों और दायित्वों से संबंधित आदेश जारी किया गया। पार्टी नेतृत्व ने आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया है।
अलीगढ़ मंडल के लिए बनाए गए नए जोन प्रभारी
पार्टी की ओर से अलीगढ़ मंडल के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को जोन प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें आगरा के विक्रम सिंह जाटव, कासगंज के अनिल बघेल, अलीगढ़ के विजेंद्र सिंह विक्रम, सुरेश गौतम एडवोकेट, मनीष अहमद गाजी, रणबीर सिंह कश्यप तथा एटा के राजू रामरतन को महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए हैं।
बसपा नेतृत्व का मानना है कि इन नेताओं के अनुभव का लाभ संगठन विस्तार और बूथ स्तर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने में मिलेगा।
हाथरस और अलीगढ़ में भी बदली जिम्मेदारियां
अलीगढ़ जिले में संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी अशोक सिंह एडवोकेट और मोरध्वज कुशवाहा को सौंपी गई है। वहीं अब तक अलीगढ़ जिले का कार्य देख रहे हरेंद्र को हाथरस जिले की कमान दी गई है।
इसी प्रकार, मनीष अहमद गाजी जो पहले पूरे अलीगढ़ मंडल के संगठनात्मक कार्यों की देखरेख कर रहे थे, अब उन्हें अलीगढ़ और हाथरस जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके साथ सुरेश गौतम एडवोकेट को भी इन दोनों जिलों का दायित्व दिया गया है।
2027 चुनाव को देखते हुए सक्रिय हुई बसपा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बसपा संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटी है। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय स्तर पर नए समीकरण बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।
अलीगढ़ मंडल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है और बसपा यहां अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
पदाधिकारियों ने जताया आभार
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पार्टी अध्यक्ष मायावती के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे पार्टी की नीतियों, संविधान निर्माता B. R. Ambedkar के विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
बसपा के इस संगठनात्मक फेरबदल को आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
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