उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में एक दिहाड़ी मजदूर के बैंक खाते से कथित तौर पर 41 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है। आयकर विभाग और GST के नोटिस के बाद पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक व्यक्ति को आयकर विभाग और जीएसटी विभाग की ओर से 41 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन का नोटिस मिला है। नोटिस मिलने के बाद मजदूर और उसका परिवार सदमे में है। पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
नौकरी के नाम पर खुलवाया गया था बैंक खाता
पड़री थाना क्षेत्र के लोकापुर गांव निवासी श्याम बाबू बिंद के अनुसार, वर्ष 2021 में वह अपने साले के साथ रोजगार की तलाश में दिल्ली गए थे। वहां उन्हें बताया गया कि एक कंपनी में नौकरी के लिए बैंक खाता खुलवाना जरूरी है। इसी बहाने उनका बैंक खाता खुलवाया गया।
श्याम बाबू का कहना है कि बाद में उन्हें नौकरी नहीं मिली और वह वापस अपने गांव लौट आए। घर लौटने के बाद उन्होंने कई बार बैंक पासबुक मांगी, लेकिन उन्हें नहीं दी गई। इसके बाद उन्होंने इस मामले पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
तीन साल बाद आया करोड़ों के लेनदेन का नोटिस
करीब तीन वर्ष बाद श्याम बाबू को आयकर विभाग और जीएसटी से नोटिस मिला। नोटिस में उनके बैंक खाते से लगभग 41 करोड़ रुपये के लेनदेन का उल्लेख किया गया है। नोटिस पढ़कर वह और उनका परिवार स्तब्ध रह गया, क्योंकि उनकी आर्थिक स्थिति इतनी नहीं है कि वह करोड़ों रुपये का कारोबार कर सकें।
पहचान और बैंक खाते के दुरुपयोग की आशंका
पीड़ित का आरोप है कि उनके बैंक खाते और दस्तावेजों का दुरुपयोग किया गया है। उन्हें आशंका है कि नौकरी दिलाने के बहाने खोले गए खाते का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह ने फर्जी वित्तीय लेनदेन के लिए किया। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एसपी से लगाई न्याय की गुहार
श्याम बाबू बिंद ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वह एक साधारण मजदूर हैं और करोड़ों रुपये के किसी भी कारोबार से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने प्रशासन से बैंक खाते के दुरुपयोग की सच्चाई सामने लाने की अपील की है।
साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी का गंभीर संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि नौकरी, कमीशन या अन्य लालच देकर बैंक खाते खुलवाना और बाद में उनका इस्तेमाल फर्जी कंपनियों या संदिग्ध वित्तीय लेनदेन में करना एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में लोगों को अपने बैंक दस्तावेज, पासबुक, एटीएम कार्ड और ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति को नहीं सौंपना चाहिए।
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