“पाकिस्तान से जुड़ी आतंकी साजिश मामले में NIA ने यूपी, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में 12 ठिकानों पर छापेमारी की। जांच में ड्रोन के जरिए हथियार, गोला-बारूद और IED भारत भेजने की साजिश का खुलासा हुआ। जानें पूरा मामला।“
नई दिल्ली। पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क और ड्रोन के जरिए भारत में हथियार व विस्फोटक भेजने की साजिश के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और महाराष्ट्र में एक साथ 12 ठिकानों पर छापेमारी कर कई संदिग्धों से पूछताछ की और डिजिटल उपकरण व दस्तावेज जब्त किए।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई पाकिस्तान से संचालित एक आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ की गई है, जिसका मकसद देश के विभिन्न हिस्सों में बड़े धमाकों को अंजाम देना था। प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी का नाम सामने आया है, जो भारत में सक्रिय अपने सहयोगियों के जरिए नेटवर्क संचालित कर रहा था।
यूपी में सबसे ज्यादा पांच ठिकानों पर रेड
एनआईए की टीमों ने उत्तर प्रदेश में पांच स्थानों पर छापेमारी की। इसके अलावा बिहार और राजस्थान में दो-दो तथा महाराष्ट्र में तीन ठिकानों पर कार्रवाई की गई। सूत्रों के मुताबिक, जिन लोगों के यहां छापेमारी की गई, उन पर पाकिस्तान समर्थित आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने का संदेह है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियार और विस्फोटक किन-किन लोगों तक पहुंचाए गए और इस नेटवर्क की जड़ें देश के किन हिस्सों तक फैली हुई हैं।
ड्रोन से मंगाए गए हथियार और IED
एनआईए अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान स्थित ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों ने भारत-पाक सीमा के जरिए ड्रोन से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) मंगाए थे।
जांच में सामने आया है कि इन हथियारों का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और अन्य बड़े शहरों में विस्फोट करने के लिए किया जाना था। एजेंसी को आशंका है कि मॉड्यूल का उद्देश्य देश में दहशत फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना था।
सिरसा ग्रेनेड हमले से भी जुड़े तार
एनआईए ने हाल ही में हरियाणा के सिरसा महिला पुलिस थाने पर नवंबर 2025 में हुए ग्रेनेड हमले के मामले में भी नौ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में दो पाकिस्तानी नागरिकों — शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच — के नाम सामने आए थे।
एजेंसी के मुताबिक, यह हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी की साजिश का हिस्सा था। आरोपियों ने सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेला और उन्हें आतंकी गतिविधियों में शामिल किया।
मोबाइल पर रिकॉर्ड किया गया था हमला
जांच में यह भी सामने आया कि सिरसा हमले से पहले पुलिस थाने की रेकी की गई थी। आरोपियों ने पंजाब से ग्रेनेड हासिल किया और 25 नवंबर 2025 को महिला पुलिस थाने पर हमला किया। इस पूरी वारदात को मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया गया, ताकि उसका प्रचार-प्रसार किया जा सके।
एनआईए का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
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