संसद मानसून सत्र: एंटी-पेपर लीक बिल पर लोकसभा में तीखी बहस, प्रियंका गांधी की टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई गई

Parliament Monsoon Session 2026 Live: लोकसभा में Anti Paper Leak Bill 2026 पर करीब 10 घंटे तक चर्चा हुई। स्पीकर ओम बिरला ने प्रियंका गांधी की शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाई। विपक्ष और सरकार के बीच पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दे पर तीखी बहस हुई।

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए लाए गए पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर लोकसभा में लंबी और तीखी बहस हुई। छह दिनों के गतिरोध के बाद विपक्ष ने चर्चा में हिस्सा लिया। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी की केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर की गई टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।

प्रियंका गांधी की टिप्पणी हटाई गई

बहस के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिस पर भाजपा सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। संसदीय कार्य मंत्री और शिक्षा मंत्री की आपत्ति के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संबंधित टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले दस वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और युवाओं का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है। उन्होंने छात्र आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे “शिक्षा नहीं, उम्मीद का संकट” बताया।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना व्यवस्था की विफलता है। उन्होंने छात्र आत्महत्याओं और आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर सरकार को सभी दलों के साथ व्यापक चर्चा करनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

सरकार ने गिनाए सुधार

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा कि पेपर लीक सामने आने के बाद सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पुनर्परीक्षा कराई, गिरफ्तारियां कीं और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार पेपर लीक की समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और नए कानून के जरिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

विधेयक में क्या है

प्रस्तावित संशोधन विधेयक में पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में कड़े दंड, भारी आर्थिक जुर्माना और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से त्वरित सुनवाई का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करना और छात्रों के हितों की रक्षा करना है।

राज्यसभा में भी महत्वपूर्ण विधेयक

राज्यसभा में मंगलवार को एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया। इसके अलावा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।

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