अलीगढ़ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का संदेश- डिग्री के साथ संस्कार भी जरूरी, बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करें युवा

अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को डिग्री के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने का संदेश दिया। 50 मेधावियों को मेडल व उपाधि प्रदान की गई।

अलीगढ़। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी अपनाने का संदेश दिया।

समारोह में राज्यपाल ने 50 मेधावी छात्र-छात्राओं को मेडल और उपाधियां प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से मिलने वाली डिग्री केवल नौकरी हासिल करने का माध्यम नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

शिक्षा का उद्देश्य समाज में बदलाव लाना होना चाहिए

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता का सम्मान करने, भारतीय संस्कृति और मूल्यों को अपनाने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की।

उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को ज्ञान के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी हैं। डिग्री मिलने के बाद भी सीखने की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए।

बेटा-बेटी में भेदभाव खत्म करने की अपील

राज्यपाल ने महिला शिक्षा और समान अवसर पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को बेटों के बराबर अवसर देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि आज भी कई जगह बेटियों और बेटों की शिक्षा में अंतर किया जाता है, जिसे समाप्त करना होगा। शिक्षित समाज ही विकसित भारत की नींव रख सकता है।

राज्यपाल ने युवाओं से सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि दहेज मांगने वाले परिवार में बेटियों को शादी से इनकार करने का साहस दिखाना चाहिए।

डिजिलॉकर और डिजिटल सेवाओं का उपयोग करें छात्र

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को डिजिटल सेवाओं के अधिक उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अब डिजिलॉकर के माध्यम से छात्र घर बैठे अपनी अंकतालिका और जरूरी दस्तावेज प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि पहले दस्तावेजों के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता बढ़ी है और छात्रों को सुविधा मिली है।

उन्होंने DigiLocker और समर्थ पोर्टल जैसी व्यवस्थाओं का अधिकतम लाभ लेने की अपील की।

विश्वविद्यालयों में शोध और नवाचार बढ़ाने पर जोर

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन से शिक्षा, शोध और गुणवत्ता सुधार की दिशा में लगातार काम करने को कहा। उन्होंने शिक्षकों के रिक्त पदों को नियमों के अनुसार जल्द भरने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल एमओयू तक सीमित न रहें, बल्कि शोध, नई तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ठोस परिणाम सामने आने चाहिए।

छात्र नियमित पढ़ें अखबार, स्वास्थ्य पर भी दें ध्यान

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि समाचार पत्र पढ़ने से सामान्य ज्ञान बढ़ता है और समाज की बेहतर समझ विकसित होती है।

उन्होंने छात्राओं के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। राज्यपाल ने 9 से 14 वर्ष की बेटियों को एचपीवी वैक्सीन लगाने और विश्वविद्यालयों में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल बड़े भवनों और संस्थानों से नहीं बनेगा, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज से बनेगा।

राष्ट्र निर्माण में योगदान दें युवा

समारोह के समापन पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करें। उन्होंने कहा कि युवा अनुशासन, संस्कार और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे तो देश तेजी से विकास करेगा।

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