रायबरेली में बड़ा हादसा: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे चार श्रद्धालु हाईटेंशन करंट से झुलसे, तीन जिला अस्पताल रेफर

“रायबरेली के सरेनी में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे चार श्रद्धालु हाईटेंशन करंट की चपेट में आकर झुलस गए। तीन की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया।“

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन करके घर लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ मंगलवार को हादसा हो गया। सरेनी क्षेत्र में ट्रैक्टर से लौट रहे चार श्रद्धालु हाईटेंशन बिजली की लाइन की चपेट में आकर झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सरेनी पहुंचाया गया। यहां तीन श्रद्धालुओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जबकि एक महिला को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

ट्रैक्टर पर लगा झंडा हाईटेंशन लाइन से टकराया

जानकारी के मुताबिक, सरेनी-लालगंज मुख्य मार्ग पर संवरैया नदी में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने के बाद श्रद्धालु ट्रैक्टर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान सिटकिहा बाबा मंदिर के पास स्थित इंडेन गैस गोदाम के नजदीक ट्रैक्टर पर लगा झंडा ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया।

बताया गया कि झंडा ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर लगे स्टील के पोल पर बांधा गया था। पोल और झंडे के हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आते ही ट्रैक्टर सवार श्रद्धालु करंट की चपेट में आ गए। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

दो पुरुष और दो महिलाएं झुलसीं

हादसे में ठंगैचा गांव निवासी मोहित पुत्र सुरेश, राजेश्वरी पत्नी जितेंद्र, अनुज पुत्र रमेश और शिखा पत्नी पृथ्वीराज झुलस गए। चारों मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जित करने के बाद ट्रैक्टर से घर लौट रहे थे।

घटना की सूचना मिलने पर घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेनी पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी का परीक्षण कर उपचार शुरू किया। हादसे में तीन लोगों की स्थिति गंभीर बताई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।

मोहित, राजेश्वरी और अनुज जिला अस्पताल रेफर

सीएचसी अधीक्षक डॉ. शुभम सिंह के मुताबिक, करंट से झुलसे चार लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद मोहित, राजेश्वरी और अनुज की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वहीं, शिखा की हालत ठीक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

घटना के बाद घायलों के उपचार को प्राथमिकता दी गई। गंभीर रूप से झुलसे तीनों लोगों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए भेजा गया।

पुलिस ने हादसे की जानकारी दी

सीओ लालगंज सुजीत राय ने बताया कि प्रतिमा विसर्जन के बाद श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान ट्रॉली के ऊपर लगाया गया झंडा हाईटेंशन बिजली की लाइन से छू गया, जिससे चार लोग करंट की चपेट में आकर घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया गया। हादसे में दो महिलाओं और दो पुरुषों के घायल होने की पुष्टि की गई है।

धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली लाइनों से सतर्कता जरूरी

यह घटना धार्मिक आयोजन के बाद घर लौटते समय हुई। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर ऊंचा झंडा और स्टील का पोल लगाया गया था, जो ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से गंभीर चोट और जान का खतरा हो सकता है।

ऐसे में प्रतिमा विसर्जन, जुलूस और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान वाहनों पर ऊंचे पोल, झंडे या धातु की वस्तुएं लगाते समय बिजली की लाइनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है। प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों को भी सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए।

फिलहाल, हादसे में घायल तीन श्रद्धालुओं को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि एक महिला को उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

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