
नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को फिलीपींस के सेबू के लिए रवाना हुए। वह 28 और 29 अक्टूबर को होने वाली 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक प्लस (ADMM-Plus) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एडीएमएम-प्लस रक्षा और रणनीतिक मामलों पर विचार-विमर्श करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि वह इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े साझा मुद्दों पर भारत का पक्ष रखने के लिए उत्सुक हैं।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि भारत अपनी एक्ट ईस्ट नीति के तहत आसियान की केंद्रीय भूमिका को महत्व देता है। भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सामूहिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

कई देशों के रक्षा मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
फिलीपींस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह बैठक में शामिल होने वाले विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे। इन बैठकों में भारत के मौजूदा रक्षा संबंधों की समीक्षा की जाएगी और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के नए अवसरों पर चर्चा होगी।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजनाथ सिंह बैठक में ‘क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान’ विषय पर अपना संबोधन देंगे। इन चर्चाओं के जरिए विभिन्न देशों के बीच रक्षा सहयोग और आपसी समन्वय को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
क्या है एडीएमएम-प्लस?
आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (ADMM) संगठन के सदस्य देशों के बीच रक्षा मामलों पर चर्चा और सहयोग का प्रमुख मंच है। वहीं, एडीएमएम-प्लस में आसियान देशों के साथ आठ संवाद साझेदार भी शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
इसके आठ संवाद साझेदार भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड हैं।
आसियान में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम शामिल हैं।
आसियान के साथ भारत के रक्षा संबंध
भारत वर्ष 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना था। एडीएमएम-प्लस की पहली बैठक 12 अक्टूबर 2010 को वियतनाम की राजधानी हनोई में आयोजित हुई थी। वर्ष 2017 से इस मंच के रक्षा मंत्री हर साल बैठक कर रहे हैं, ताकि रक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया जा सके।
वर्ष 2026 में फिलीपींस इस बैठक की अध्यक्षता कर रहा है। भारत 2024 से 2027 तक के कार्यकाल के लिए मलेशिया के साथ आतंकवाद निरोधक विशेषज्ञ कार्य समूह की सह-अध्यक्षता भी कर रहा है।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एडीएमएम-प्लस में भारत की सक्रिय भागीदारी उसकी एक्ट ईस्ट नीति का अहम हिस्सा है। इसके जरिए भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ रक्षा संबंध मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता तथा सामूहिक विकास को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।






