राम मंदिर चढ़ावा चोरी: अवधेश प्रसाद ने उठाए चार्जशीट पर सवाल, कहा- मुख्य दोषियों को बचाया गया

अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भाजपा सरकार पर मुख्य दोषियों को बचाने और छोटी मछलियों को फंसाने का आरोप लगाया। चार्जशीट को लेकर भी सवाल उठाए।

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में पुलिस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। अयोध्या से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मामले को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मुख्य दोषियों तक पहुंचने के बजाय छोटी मछलियों को फंसाया जा रहा है।

अवधेश प्रसाद का यह बयान ऐसे समय आया है जब पुलिस ने मामले में आठ आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। पुलिस की चार्जशीट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों को आरोपी नहीं बनाया गया है। पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और मंदिर के व्यवस्था प्रमुख रहे गोपाल राव को सरकारी गवाह बनाया गया है।

‘मुख्य दोषियों को बचाने के लिए छोटी मछलियां फंसाईं’

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है। उनका आरोप है कि जांच में उन लोगों तक नहीं पहुंचा गया, जिन्हें वह इस प्रकरण का मुख्य दोषी मानते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्य दोषियों को बचाने के लिए छोटी मछलियों को फंसाया जा रहा है। यह उनका राजनीतिक आरोप है; पुलिस की चार्जशीट में फिलहाल आठ आरोपितों के खिलाफ अभियोजन आगे बढ़ाया गया है।

‘भगवान राम को भी नहीं छोड़ा, जनता को क्या छोड़ेंगे’

अवधेश प्रसाद ने कहा कि पहले राम मंदिर का चढ़ावा चोरी हुआ और अब लोगों के घरों में रखा सामान उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिन्होंने भगवान राम को भी नहीं छोड़ा, वे आम जनता को क्या छोड़ेंगे।

सांसद ने इस मुद्दे को अयोध्या की जनता से भी जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।

‘अयोध्या से आई थी सरकार, अयोध्या से ही जाएगी’

अवधेश प्रसाद ने कहा कि अयोध्या से ही भाजपा की सरकार बनी थी और अब जनता के साथ हो रहे अन्याय का जवाब भी अयोध्या की जनता देगी। उन्होंने कहा कि “अयोध्या से सरकार आई थी और अब अयोध्या से ही सरकार जाएगी।”

यह बयान आगामी राजनीतिक माहौल के बीच उनके सरकार विरोधी रुख को दर्शाता है। हालांकि, सरकार या भाजपा की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

चार्जशीट में आठ आरोपित, ट्रस्ट पदाधिकारियों को नहीं बनाया आरोपी

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस ने आठ आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 73,480 पन्नों की चार्जशीट चार बड़े बक्सों में अदालत में पेश की। जांच में साक्ष्य नहीं मिलने के आधार पर ट्रस्ट पदाधिकारियों और बैंक को क्लीन चिट दी गई है।

मामले में रामशंकर यादव टिन्नू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, अविनाश शुक्ल और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच में 500 से अधिक बैंक खातों की पड़ताल

पुलिस की जांच का दायरा काफी व्यापक रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान 500 से अधिक बैंक खातों की पड़ताल की गई। इनमें ट्रस्ट से जुड़े लोगों, संदिग्धों, गणना कर्मियों और ट्रस्ट कर्मचारियों के खाते शामिल थे।

चार्जशीट में आरोपितों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार, जांच में नकदी, चढ़ावे और आरोपितों के वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल की गई।

चार्जशीट के बाद अधिवक्ताओं ने जताई आपत्ति

चार्जशीट दाखिल होने के बाद अयोध्या न्यायालय परिसर में भी गहमागहमी रही। अधिवक्ताओं के एक वर्ग ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को मामले में आरोपी बनाए जाने की मांग की थी। चार्जशीट में आठ आरोपितों के नाम ही रहने के बाद विरोध और कार्य बहिष्कार की स्थिति बनी।

सुरक्षा की दृष्टि से न्यायालय परिसर में दो ट्रक पीएसी भी तैनात की गई थी। अधिवक्ताओं के विरोध और नारेबाजी की खबरें भी सामने आईं।

अब आगे न्यायालय में चलेगा मामला

पुलिस की ओर से चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले की अगली प्रक्रिया अदालत में आगे बढ़ेगी। चार्जशीट में शामिल साक्ष्यों और आरोपों के आधार पर न्यायालय आगे की कार्रवाई तय करेगा।

वहीं, अवधेश प्रसाद के आरोपों ने इस मामले को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल उनके द्वारा लगाए गए मुख्य दोषियों को बचाने के आरोप राजनीतिक आरोप हैं, जबकि पुलिस की जांच में आठ आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों को सरकारी गवाह बनाया गया है।

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