“लखनऊ के RMLNLU में पांचवें दीक्षांत समारोह में 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उपाधियां दी जा रही हैं। जस्टिस विक्रम नाथ के संबोधन और 20 मेडल से सम्मानित होने वाले 17 मेधावियों की पूरी खबर पढ़ें।“
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (RMLNLU) में शनिवार को पांचवां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति और विश्वविद्यालय के विजिटर जस्टिस विक्रम नाथ ने समारोह की शुरुआत की। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में की, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान गया।
जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें बिना कागज देखे भाषण देने के लिए कहा था, लेकिन कुलपति ने लिखित भाषण पढ़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इस बार वह कुलपति की बात मान रहे हैं, लेकिन अगली बार मुख्यमंत्री की बात मानकर बिना कागज देखे भाषण देंगे।
260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिल रहीं उपाधियां
दीक्षांत समारोह में कुल 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उपाधियां प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही 17 मेधावियों को विभिन्न श्रेणियों में कुल 20 पदकों से सम्मानित किया जा रहा है। इनमें 11 गोल्ड, पांच सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
गोल्ड मेडल हासिल करने वालों में आठ छात्राएं और तीन छात्र हैं। बीए-एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम पाठ्यक्रमों में मेडल पाने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियां समारोह का प्रमुख आकर्षण हैं।
रूपल जायसवाल और तेजस्वनी कौशल को गोल्ड मेडल
समारोह में रूपल जायसवाल को एलएलएम में इंटरनेशनल लॉ के लिए गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया। वहीं, बीए-एलएलबी की तेजस्वनी कौशल को बैच में सर्वाधिक अंक हासिल करने के लिए गोल्ड मेडल मिला।
लखनऊ की चित्रा सिंह को एलएलएम में इंटरनेशनल लॉ विशेषज्ञता के लिए सिल्वर मेडल दिया गया। इसके अलावा टैक्सेशन लॉ में तान्या वर्मा को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाना है।
ईशा अग्रवाल को तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल
बीए-एलएलबी की छात्रा ईशा अग्रवाल को चार पदकों से सम्मानित किया जा रहा है। उन्हें क्रिमिनल लॉ, कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ और स्टूडेंट ऑफ द ईयर श्रेणी में तीन गोल्ड मेडल मिलेंगे। बीए-एलएलबी (ऑनर्स) में प्रदर्शन के लिए उन्हें सिल्वर मेडल भी दिया जाएगा।
ईशा अग्रवाल सिविल सेवा में जाने की इच्छुक हैं। उनके पिता गौरव गुप्ता सेना से सेवानिवृत्त हैं और उनकी मां नीतू गुप्ता गृहिणी हैं। ईशा ने अपने चाचा से प्रेरणा मिलने की बात कही है, जो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।
जस्टिस अरुण भंसाली ने विद्यार्थियों को दी बधाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली ने डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों, पदक विजेताओं और शोधार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, सीखने और उपलब्धियों का उत्सव है।
उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता के पीछे लंबे अध्ययन, मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं, इंटर्नशिप और निरंतर प्रयासों की भूमिका का उल्लेख किया। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
250 से ज्यादा पूर्व छात्र न्यायिक सेवाओं में अधिकारी बने
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अमर पाल सिंह ने कहा कि संस्थान ने दो दशकों में न्याय व्यवस्था और समाज में योगदान दिया है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने वाले 250 से अधिक लोग उत्तर प्रदेश और देश की अन्य न्यायिक सेवाओं में अधिकारी बने हैं। कई पूर्व छात्र सिविल सेवाओं और कानूनी पेशे में भी काम कर रहे हैं।
कुलपति ने कहा कि कानूनी शिक्षा का उद्देश्य केवल आर्थिक सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना भी है। कानून के ज्ञान के साथ अच्छे मूल्यों को अपनाना और शिक्षा का उपयोग वंचित लोगों की मदद तथा समाज के कल्याण के लिए करना जरूरी है।
समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जस्टिस विक्रम नाथ, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
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