तेहरान की आग से उठा जहरीला धुआं पाकिस्तान तक, क्या भारत भी होगा प्रभावित?

“ईरान तेल संयंत्र धुआं: तेहरान में तेल भंडार और रिफाइनरी में लगी भीषण आग से उठ रहा जहरीला धुआं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी हवाओं के कारण यह धुआं आगे भारत के पश्चिमी हिस्सों को भी प्रभावित कर सकता है। जानिए कितना बड़ा खतरा है और क्या कह रहे हैं वैज्ञानिक।”

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर अब सीमाओं से बाहर भी दिखाई देने लगा है। Iran की राजधानी Tehran में हालिया हमलों के बाद तेल भंडार और रिफाइनरी में लगी भीषण आग से आसमान में घना काला धुआं फैल गया है। तेज पश्चिमी हवाओं के साथ यह जहरीला धुआं अब Pakistan की ओर बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हवाओं की दिशा इसी तरह बनी रही तो इसका असर आगे चलकर भारत के पश्चिमी हिस्सों की हवा की गुणवत्ता पर भी पड़ सकता है।

भारत से अभी काफी दूर है धुआं

इस सवाल पर कि यह धुआं भारत तक पहुंच सकता है या नहीं, National Institute of Advanced Studies, बेंगलुरु के वायु प्रदूषण विशेषज्ञ Gufran Beig ने बताया कि उपग्रह तस्वीरों के अनुसार ईरान में लगी आग से उठने वाला धुआं अभी करीब 500 किलोमीटर तक ही फैला है। यह दूरी भारत तक पहुंचने वाली कुल दूरी का लगभग एक चौथाई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक जब तक आग लंबे समय तक तेज नहीं रहती और धुआं धूल भरी आंधियों के साथ नहीं मिलता, तब तक इसके भारत की हवा को प्रभावित करने की संभावना कम है।

उत्तर भारत में धुंध से बढ़ी चर्चा

इधर Delhi-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में इन दिनों आसमान धुंधला दिखाई दे रहा है। Haryana से लेकर West Bengal तक कई इलाकों में सुबह के समय धुंध और कोहरा देखा गया।

गाजियाबाद स्थित Hindon Airport पर सुबह 7 से 8 बजे के बीच दृश्यता लगभग 600 मीटर दर्ज की गई। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थानीय मौसमीय परिस्थितियों का परिणाम भी हो सकता है।

पाकिस्तान में प्रदूषण बढ़ने की चेतावनी

Pakistan Meteorological Department ने चेतावनी दी है कि ईरान से उठ रहा जहरीला धुआं बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के कई हिस्सों तक पहुंच सकता है। इससे Quetta, Peshawar, Chaman और Dera Ismail Khan जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता खराब होने की आशंका जताई गई है।

क्यों खतरनाक होता है तेल संयंत्रों का धुआं

विशेषज्ञों के अनुसार तेल संयंत्रों में आग लगने पर हवा में कई खतरनाक गैसें फैलती हैं, जैसे हाइड्रोकार्बन, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड। ये गैसें हवा को जहरीला बना सकती हैं और सांस, आंखों तथा दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती हैं।

लोगों को दी गई सावधानी की सलाह

तेहरान में हालात को देखते हुए Iranian Red Crescent Society ने लोगों को घरों के अंदर रहने, मास्क पहनने और बारिश के पानी से बचने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार शहर में बारिश के बाद गाड़ियों और कपड़ों पर काले दाग भी देखे गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईरान में लगी आग जल्द नहीं बुझी और हवाओं की दिशा बनी रही तो आने वाले दिनों में इसका असर पड़ोसी देशों की हवा की गुणवत्ता पर पड़ सकता है।

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