संसद का बजट सत्र समाप्त: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

Lok Sabha और Rajya Sabha साइन डाई स्थगित; 33% आरक्षण वाला संविधान संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत से चूका, सियासी टकराव तेज

पार्लियामेंट विशेष सत्र : लोकसभा और राज्य सभा में विमेंस रिजर्वेशन बिल गिरा ,3% आरक्षण वाला संविधान संशोधन बिल दो-तिहाई बहुमत से चूका, सियासी टकराव तेज

नई दिल्ली। Parliament Special Sitting LIVE: संसद का बजट सत्र शनिवार को अचानक समाप्त हो गया, जब Lok Sabha और Rajya Sabha दोनों को अनिश्चितकाल (Sine Die) के लिए स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा में स्पीकर Om Birla ने सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद समापन भाषण दिया और सत्र समाप्त कर दिया। इसके बाद राज्यसभा ने भी कार्यवाही खत्म कर दी।

इस सत्र का अंत एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद हुआ। संविधान (131वां संशोधन) बिल, जिसमें महिलाओं को 33% आरक्षण देने और लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव था, लोकसभा में पास नहीं हो सका।

बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया। हालांकि, इसे पारित करने के लिए 2/3 बहुमत यानी 352 वोट की जरूरत थी, जो नहीं मिल सकी।

यह बिल 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने और परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। बिल के गिरने के बाद सरकार ने संकेत दिया है कि इससे जुड़े अन्य विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने साफ किया कि अब डिलिमिटेशन बिल और यूनियन टेरिटरी संशोधन बिल को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

वहीं, विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि यह बिल राजनीतिक मकसद से लाया गया था। कांग्रेस नेता Priyanka Gandhi Vadra ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि पुराने महिला आरक्षण बिल को फिर से लाया जाए और संसद में पारित कराया जाए।

महिला आरक्षण बिल के फेल होने के बाद अब इसका सीधा असर 2029 के आम चुनावों पर पड़ सकता है। साथ ही, परिसीमन प्रक्रिया भी फिलहाल ठंडे बस्ते में चली गई है।

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