‘विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती कर दी, नतीजे भुगतने होंगे’; विपक्ष पर बरसे नरेंद्र मोदी

कैबिनेट बैठक में पीएम का बयान; “देश की महिलाओं को जवाब देना होगा”, गांव-गांव तक संदेश पहुंचाने के निर्देश

Women Reservation Bill India 2026: संसद में महिला आरक्षण विधेयक पास न होने पर नरेंद्र मोदी का विपक्ष पर हमला। बोले—महिलाओं को जवाब देना होगा, गांव-गांव तक पहुंचाया जाए संदेश।

नई दिल्ली। संसद में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के पारित न हो पाने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने इस बिल का समर्थन न करके “बहुत बड़ी गलती” की है और उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों से कहा कि विपक्ष ने देश की महिलाओं को निराश किया है और अब उसे जनता, खासकर महिलाओं को जवाब देना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस मुद्दे को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।

दो-तिहाई बहुमत से चूका विधेयक

महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को लोकसभा में पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। शुक्रवार देर रात तक चली बहस के बाद यह विधेयक केवल 298 वोट ही हासिल कर सका, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। आवश्यक 352 वोट न मिलने के कारण बिल पारित नहीं हो सका।

सरकार ने विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार

संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि यह सरकार की विफलता नहीं, बल्कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का परिणाम है। उन्होंने इसे “देश पर हमला” और कांग्रेस पर “काला धब्बा” बताया।

बीजेपी नेताओं का भी हमला तेज

भाजपा नेता Smriti Irani ने कांग्रेस पर महिलाओं से अवसर छीनने का आरोप लगाया और कहा कि बिल के गिरने के बाद विपक्ष जश्न मना रहा है।

वहीं, Ravi Shankar Prasad ने भी विपक्षी नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

सियासी टकराव और तेज

महिला आरक्षण बिल के गिरने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां सरकार इसे ऐतिहासिक अवसर बताकर विपक्ष को जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहा है।

महिला आरक्षण विधेयक के विफल होने के बाद देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। आने वाले समय में यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा राजनीतिक एजेंडा बन सकता है।

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