“Lucknow Rashmirathi Parv 2026: दिनकर की ‘रश्मिरथी’ के 75 वर्ष पूरे होने पर 24-26 अप्रैल को लखनऊ में भव्य आयोजन, योगी आदित्यनाथ होंगे मुख्य अतिथि। जानें पूरा कार्यक्रम।“
लखनऊ। राजधानी में 24, 25 और 26 अप्रैल को तीन दिवसीय ‘रश्मिरथी पर्व’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम गोमती नगर स्थित Indira Gandhi Pratishthan के जूपिटर हॉल में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होगा।
कार्यक्रम के संयोजक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री Surya Pratap Shahi ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रकवि Ramdhari Singh Dinkar की कालजयी कृति ‘रश्मिरथी’ के हीरक जयंती वर्ष (75 वर्ष) के अवसर पर उनकी पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।

राष्ट्रचेतना और साहित्य का उत्सव
श्री शाही ने कहा कि दिनकर की रचनाएं केवल साहित्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देशवासियों में जोश और त्याग की भावना जगाने का कार्य किया। ‘रश्मिरथी’ में कर्ण के चरित्र के माध्यम से सामाजिक समता, आत्मसम्मान और संघर्ष का जो संदेश दिया गया है, वह आज भी प्रासंगिक है।
महापुरुषों के विचारों का मंचन
तीन दिवसीय इस पर्व में देश के महान विचारकों और नेताओं के जीवन, संवाद और कृतित्व पर आधारित नाट्य मंचन एवं नृत्य-नाटिकाएं प्रस्तुत की जाएंगी।
- Swami Vivekananda: युवाओं में राष्ट्रभक्ति और आत्मविश्वास का संचार
- Bal Gangadhar Tilak: स्वराज और जनजागरण का संदेश
- Atal Bihari Vajpayee: काव्य, राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों का संगम

विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी
इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan मुख्य वक्ता होंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद Dinesh Sharma करेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा
24 अप्रैल (शाम 6 बजे से):
दीप प्रज्वलन, अतिथि स्वागत, स्मारिका ‘रश्मिरथी से संवाद’ का लोकार्पण तथा ‘रश्मिरथी’ पर आधारित नाट्य मंचन
25 अप्रैल (शाम 6 बजे से):
“सांस्कृतिक भारत के निर्माण में स्वामी विवेकानंद का योगदान” विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद और नाट्य प्रस्तुति
26 अप्रैल (शाम 6 बजे से):
“राष्ट्र निर्माण में लोकमान्य तिलक एवं अटल बिहारी वाजपेयी का योगदान” विषय पर परिसंवाद, ‘लोकमान्य तिलक’ नाटक और ‘अटल स्वरांजलि’ नृत्य-नाटिका
विशेष आकर्षण और गतिविधियां
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध चित्रकार सरदार मंजीत सिंह की चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें दिनकर, विवेकानंद, तिलक और वाजपेयी के जीवन और विचारों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा साहित्यिक संवाद, युवा सहभागिता कार्यक्रम और सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा भी इस पर्व का हिस्सा होंगे।
आयोजन का उद्देश्य
Surya Pratap Shahi के अनुसार ‘रश्मिरथी पर्व’ का उद्देश्य युवाओं को भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ना है। साथ ही समाज में समरसता, राष्ट्रीय एकता और प्रेरणादायक मूल्यों का प्रसार करना भी इस आयोजन का प्रमुख लक्ष्य है।
लखनऊ में आयोजित होने जा रहा ‘रश्मिरथी पर्व’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, साहित्य और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह आयोजन साहित्य प्रेमियों, युवाओं और समाज के सभी वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने की उम्मीद है।







