मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए SIR विशेष अभियान, चार दिन में 8 लाख Form-6 दाखिल

“SIR विशेष अभियान के तहत 20 राज्यों में चार दिनों में करीब 8 लाख नए मतदाताओं ने Form-6 भरे हैं। चुनाव आयोग ने 5 लाख BLO को मतदाता सूची में नाम जोड़ने और छूटे पात्र मतदाताओं की पहचान का जिम्मा दिया है।“

नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। देश के 20 राज्यों में चल रहे इस अभियान के दौरान महज चार दिनों में करीब 8 लाख नए मतदाताओं ने Form-6 भरकर मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन किया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, इन आवेदकों में बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है और पहली बार मतदान के अधिकार के लिए आवेदन किया है।

चार दिनों में करीब 8 लाख Form-6 दाखिल

आयोग की ओर से शुरू किए गए विशेष अभियान के शुरुआती चार दिनों में ही लगभग 8 लाख Form-6 भरे गए हैं। Form-6 का इस्तेमाल पात्र नागरिकों द्वारा मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए किया जाता है।

आयोग का कहना है कि SIR के दौरान जो पात्र मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें दोबारा अवसर देने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं को भी सूची में शामिल करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पहली बार वोट देने वाले युवाओं की संख्या ज्यादा

अभियान के तहत सामने आए आवेदनों में बड़ी संख्या पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की बताई जा रही है। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं, जिन्होंने SIR के समय 18 वर्ष की आयु पूरी नहीं की थी और इसलिए उस समय मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके।

इसके अलावा कुछ ऐसे पात्र नागरिक भी हैं, जिन्होंने उस समय आवेदन नहीं किया था। हालांकि, आयोग की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन आठ लाख आवेदनों में कितने ऐसे लोग हैं, जिनके नाम SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए थे।

20 राज्यों में एक महीने तक चलेगा अभियान

चुनाव आयोग ने SIR के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए पात्र लोगों के नाम की तलाश और नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए 20 राज्यों में एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया है।

इस अभियान को तेजी से पूरा करने के लिए करीब 5 लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। BLO को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता सूची की जांच करने और पात्र नागरिकों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।

BLO को घर-घर संपर्क का लक्ष्य

विशेष अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारियों को SIR के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की पड़ताल करने के साथ-साथ नए पात्र मतदाताओं की पहचान करने का लक्ष्य दिया गया है।

आयोग के निर्देशों के मुताबिक प्रत्येक BLO को सप्ताह के दौरान SIR प्रक्रिया में सूची से हटाए गए कम से कम 20 से 25 लोगों तक दोबारा पहुंचने का प्रयास करना है। इसके साथ ही 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और अन्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन करवाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

SIR के दौरान 13 करोड़ नाम हटने के आरोपों के बीच अभियान

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष की ओर से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इसी राजनीतिक और सार्वजनिक बहस के बीच चुनाव आयोग ने एक अक्टूबर को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे।

आयोग की ओर से बताया गया है कि SIR के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए, जो मतदाता सूची में अब पात्र नहीं थे। इनमें करीब 3 करोड़ मृत मतदाता, 6 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाता, 3 करोड़ अनुपस्थित या जिनका पता नहीं चल सका और करीब 1 करोड़ डुप्लीकेट मतदाता शामिल बताए गए हैं।

पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने पर जोर

चुनाव आयोग का फोकस अब इस बात पर है कि पुनरीक्षण के दौरान यदि कोई पात्र मतदाता सूची से छूट गया है तो उसका नाम दोबारा शामिल किया जाए। इसके लिए BLO को जमीनी स्तर पर सत्यापन और संपर्क की जिम्मेदारी दी गई है।

विशेष अभियान के जरिए एक ओर जहां SIR के दौरान छूटे पात्र मतदाताओं को आवेदन का अवसर मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं को भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

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