पार्टी बदलकर चुनाव लड़ने वाले नेताओं से वसूला जाए उपचुनाव का खर्च! सुप्रीम कोर्ट में उठा मामला

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि जो विधायक या सांसद अपना पद छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होते हैं और फिर चुनाव लड़ते हैं, उनसे उपचुनाव का खर्च वसूला जाए। यह मामला तमिलनाडु के AIADMK के उन विधायकों से जुड़ा है, जिन्होंने इस्तीफा देकर TVK का दामन थाम लिया था। याचिकाकर्ता के. सुथन का कहना है कि ऐसे इस्तीफों की वजह से उपचुनाव कराने पर सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, इसलिए इसका खर्च जनता के बजाय संबंधित नेताओं से वसूला जाना चाहिए।

याचिका में तमिलनाडु के मदुरांतकम और धरापुरम निर्वाचन क्षेत्रों में हुए उपचुनावों पर खर्च का ब्योरा भी मांगा गया है। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि अगर कोई विधायक अपनी मर्जी से इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ता है, तो उसे चुनाव कराने की लागत की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए। इससे सार्वजनिक धन के इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही तय हो सकती है।

याचिका के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के बाद AIADMK के छह विधायकों ने इस्तीफा दिया था। इनमें एस. जयकुमार, मरगाथम कुमारवेल, पी. सत्यबामा, डॉ. एसाक्की सुब्बैया, सी. विजयभास्कर और एम. आर. विजय भास्कर के नाम शामिल हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इन इस्तीफों के कारण संबंधित सीटों पर उपचुनाव कराने की जरूरत पड़ी।

इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने 24 सितंबर 2026 को इस जनहित याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि इस्तीफा देने वाले विधायकों से उपचुनाव का खर्च वसूलने या उन पर नई अयोग्यता लागू करने के लिए नियम बनाना विधायी नीति का विषय है। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

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